Uttar Pradesh News एसपी साहब भाजपा नेता के हमलावरों पर मेहरबान है मोतीगंज पुलिस
8 जुलाई को हुआ था जानलेवा हमला, प्रधान प्रतिनिधि समेत चार के खिलाफ दर्ज किया गया था मुकदमा

रिपोर्टर प्रदीप कुमार वर्मा जनपद गोण्डा उत्तर प्रदेश
मोतीगंज थाना क्षेत्र के इमलिया गांव से 8 जुलाई की देर शाम दावत खाकर बाइक से घर लौट रहे भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य त्रिवेणी दूबे पर लाठी व हाॅकी से जानलेवा हमला कर दिया गया था। इतना ही नहीं, आरोप है कि गंभीर रूप से लहूलुहान करने के बाद उन पर फायर भी झोंक दिया गया। हालांकि वह बाल-बाल बच गए थे। गंभीर रूप से घायल भाजपा नेता को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। बाद में उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में एडमिट कराया गया। इस घटना के संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि समेत चार लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया गया था। घटना को एक महीना हो गया लेकिन मोतीगंज पुलिस अभी तक जानलेवा हमले के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। घटना के विवेचक कछुए को भी मात दे रहे हैं। जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र के तरगांव निवासी त्रिवेणी दूबे भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य हैं। वह गोण्डा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया व सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह के करीबी माने जाते हैं। त्रिवेणी की पत्नी अनीता दूबे ने मोतीगंज पुलिस को तहरीर दी जिसमें बताया कि उनके पति 8 जुलाई की शाम बाइक से क्षेत्र के इमलिया गांव में निमंत्रण में गए थे। वहां से लौटते समय मोतीगंज क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भमैचा के पास कुछ लोगों ने जबरन उन्हें रोक लिया और लाठी व हाॅकी से जानलेवा हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया। आरोप लगाया कि तरगांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मस्तराम तिवारी ने त्रिवेणी पर तमंचे से फायर झोंक दिया, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। गोली चलने की आवाज सुनकर गांव के लोग दौड़े तो हमलावर धमकी देते हुए भाग गए। त्रिवेणी को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। बाद में उन्हें जिले के एक निजी अस्पताल में एडमिट कराया गया जहां आपरेशन होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। उधर हमले के आरोपी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि तरगांव मस्तराम तिवारी का कहना है कि वह घटना के समय बाहर गए थे। उन्हें चुनावी रंजिश में फंसाया गया है। आरोप निराधार हैं। हालांकि, घटना के संबंध में त्रिवेणी की पत्नी अनीता दूबे द्वारा दी गई तहरीर पर मस्तराम तिवारी उर्फ भरतराम, दीपक, विवेक व अयोध्या के खिलाफ धारा 504, 506 व 307 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और विवेचना थाने के उपनिरीक्षक सुनील कुमार रावत को सौंपी गई। भाजपा नेता पर जानलेवा हमले की घटना को एक माह हो गया लेकिन विवेचक की घोर लापरवाही के चलते आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी। सूत्रों का कहना है कि मोतीगंज पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन विवेचक साइलेंट मोड पर हैं और सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं।


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