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Bihar News नल जल योजना : वार्ड सदस्य ही करेंगे नल जल योजना की देखरेख.

रिपोर्टर गौतम कुमार झा बेगूसराय बिहार

अब पीएचईडी ने निर्णय लिया है कि इन योजनाओं का रखरखाव पहले की तरह संबंधित वार्ड के निर्वाचित सदस्य या उनके द्वारा चिह्नित प्रतिनिधि ही करते रहेंगे। पूर्व में संचालित 58 हजार ग्रामीण वार्डों की 67 हजार 300 नल-जल योजनाओं के रखरखाव के लिए वार्ड सदस्य को अनुरक्षक के रूप में रखा गया था। सुबह-शाम पेयजल आपूर्ति कराना उनकी जिम्मेदारी थी। वहीं, पीएचईडी के अधीन करीब 56 हजार वार्डों में नल-जल योजनाओं का रखरखाव संवेदक की जिम्मेदारी है। लेकिन, पंचायती राज से हस्तांतरित होकर पीएचईडी में आने वाली योजनाओं का रखरखाव अभी अनुरक्षक या वार्ड सदस्य ही करेंगे। इन अनुरक्षकों को दो हजार रुपये महीने मेहनताना भी तय है। जुलाई के प्रभाव से इस राशि का भुगतान अनुरक्षकों को पीएचईडी के जरिये किया जाएगा। इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी होगा। इसके लिए पंचायती राज से राशि की मांग पीएचईडी करेगा।

नल जल योजना : पंचायती राज के अधीन संचालित नल-जल की सभी योजनाओं का हस्तांतरण लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) में किया जा रहा है। आधे से अधिक योजनाओं का हस्तांतरण हो चुका है।अब पीएचईडी ने निर्णय लिया है कि इन योजनाओं का रखरखाव पहले की तरह संबंधित वार्ड के निर्वाचित सदस्य या उनके द्वारा चिह्नित प्रतिनिधि ही करते रहेंगे। पूर्व में संचालित 58 हजार ग्रामीण वार्डों की 67 हजार 300 नल-जल योजनाओं के रखरखाव के लिए वार्ड सदस्य को अनुरक्षक के रूप में रखा गया था। सुबह-शाम पेयजल आपूर्ति कराना उनकी जिम्मेदारी थी। वहीं, पीएचईडी के अधीन करीब 56 हजार वार्डों में नल-जल योजनाओं का रखरखाव संवेदक की जिम्मेदारी है। लेकिन, पंचायती राज से हस्तांतरित होकर पीएचईडी में आने वाली योजनाओं का रखरखाव अभी अनुरक्षक या वार्ड सदस्य ही करेंगे। इन अनुरक्षकों को दो हजार रुपये महीने मेहनताना भी तय है। जुलाई के प्रभाव से इस राशि का भुगतान अनुरक्षकों को पीएचईडी के जरिये किया जाएगा। इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी होगा। इसके लिए पंचायती राज से राशि की मांग पीएचईडी करेगा।

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