Chhattisgarh News उच्च न्यायालय बिलासपुर ने कोरबा जिले के ग्राम पंचायत रजगामार की सरपंच श्रीमती रामूला राठिया को एसडीएम कोरबा के द्वारा जारी निलंबन आदेश पर स्थगन देकर राहत प्रदान किया है।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
बता दें कि सरपंच श्रीमती रामूला राठिया के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाकर थाना में अपराधिक प्रकरण दर्ज कराते हुए उन्हें निलंबन करने का आदेश अनुविभागीय अधिकारी कोरबा के द्वारा जारी कर स्थानापन्न सरपंच नियुक्त करने का आदेश जारी किया गया है। इस बीच रामूला राठिया के द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से निलंबन की कार्यवाही के आदेश को उच्च न्यायालय बिलासपुर के समक्ष अपने अधिवक्ता अरविंद दुबे के माध्यम से रिट याचिका दायर कर चुनौती दिया। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने संज्ञान में लेते हुए सरपंच श्रीमती रामूला राठिया को राहत देते हुए निलंबन आदेश पर स्थगन आदेश जारी किया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश पार्थ प्रतीम साहू ने जारी आदेश में कहा है कि- एक एफआईआर याचिकाकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 409 के साथ पठित धारा 34 के तहत दंडनीय अपराध के लिए मामला दर्ज किया गया है, जिसकी अभी भी जांच चल रही है और आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि पंचायत के प्रावधान के तहत पदाधिकारी को धारा 39(1)(ए) के तहत तभी निलंबित किया जा सकता है जब आरोप तय हो गए हों। मौजूदा मामले में, पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र भी दाखिल नहीं किया है, इसलिए निलंबन का आदेश कानूनन गलत है। विवादित आदेश 14.07.2023 का प्रभाव और संचालन सुनवाई की अगली तारीख तक स्थगित किया गया है।




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