Chhattisgarh News लटोरी गौठान में है भारी अव्यवस्था, वर्मी कंपोस्ट खाद बनना बंद ,वर्मी कंपोस्ट टैंक के सीट है बिखरा पड़ा हुआ

रिपोर्टर आमोद तिवारी अंबिकापुर छत्तीसगढ़
लखनपुर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत लटोरी का गौठान रामपुर आश्रित ग्राम में स्थित है जहां अब कई प्रकार की अव्यवस्था देखने को मिल रही है इस व्यवस्था के सुधार हेतु कोई भी ध्यान नहीं दे रहा जिससे यहां का संचालन अब मात्र भगवान भरोसे तथा प्रशासनिक संचालन कागजों में चल रही है
वर्मी कंपोस्ट टैंक के सीट छत बिखरा पड़ा ,नहीं दे रहे कोई ध्यान
वर्मी कंपोस्ट टैंक की सीट महीनों पूर्व तेज हवा के चलते टूट कर बिखर पड़ा हुआ है वर्तमान में बरसात प्रारंभ हुई है लेकिन आज तक इसके सुधार कार्य की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी तो इस गौठान में हो रहा है लेकिन वर्मी कंपोस्ट खाद निर्माण वर्मी कंपोस्ट टैंक के छत के उड़ने से वर्तमान में किसी प्रकार का सुधार कार्य नहीं किए जाने से बरसात के समय वर्मी कंपोस्ट खाद बनना बंद हो गया है
गौठान के फेसिंग तार देखरेख के अभाव में टूट कर बिखरा हुआ
उक्त गौठान में लाखों रुपया लगाकर के गौठान को सुरक्षित रखने हेतु गौठान के चारों ओर फेसिंग तार लगाकर घेराबंदी किया गया था लेकिन वर्तमान में फेसिंग तार के कई जगह देखरेख के अभाव के कारण टूटा हुआ है जिससे सुधार कार्य की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है जिससे अब गौठान असुरक्षित हो गई है
गौठान के शौचालय, आज तक है अधूरा
लटोरी गौठान में इस प्रकार का अव्यवस्था है कि आज पर्यंत शौचालय का निर्माण नहीं हो पाया है यहां शौचालय बनाया गया है जो आज भी अधूरा पड़ा हुआ है,
वही प्राप्त जानकारी अनुसार उस गौठान में शौचालय निर्माण कार्य कराए जाने हेतु 2017-18 में 24 हजार की लागत से शौचालय निर्माण कार्य कराया जा रहा था लेकिन वह भी अधूरा था जैसे ही पंचायत में सरपंच बदला वैसे ही गौठान के शौचालय का जगह बदल कर दूसरी जगह निर्माण कार्य कराया जा रहा था लेकिन वह शौचालय भी आज पर्यंत अधूरा पड़ा हुआ है इसके निर्माण कार्य हेतु शासन के 5 साल बीतने को है इसके पश्चात भी अधूरा पड़ा हुआ है
मवेशियों के लिए चारा की बात छोड़िए पानी तक नसीब नहीं है
उक्त गौठान में मवेशियों के लिए किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं है यहां मवेशियों के लिए चारा की बात छोड़िए पानी तक नसीब नहीं है वही शासन स्तर पर किसानों की फसल को नुकसान होने से बचाने के लिए रोका छेका का अभियान चलाया जा रहा है लेकिन यह मात्र कागजों में संचालित हो रही है क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि अन्य जगह से सैकड़ों की संख्या में क्षेत्र में मवेशी आए हुए हैं जो किसानों के फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं
कुक्कुट तथा बटेर पालन हेतु बनाया गया शेड आज पर्यंत है अधूरा
गौठान को और विकसित किए जाने हेतु शासन स्तर पर कुकुट एवं बटेर पालन हेतु लाखों रुपया खर्च कर शेड निर्माण कार्य के लिए पंचायत को स्वीकृति प्रदान की गई है जहां पंचायत के द्वारा उक्त शेड आधा अधूरा वर्तमान में निर्माण कार्य कराया गया है जिससे समूह की महिलाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है
मिली जानकारी अनुसार उक्त गौठान की स्थिति प्रशासनिक उदासीनता के कारण बद से बदतर होती जा रही है लेकिन इस ओर सुधार कार्य करने हेतु कोई ध्यान नहीं दे रहा क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि प्रदेश की सरकार आसपास के युवा एवं महिलाओं को रोजगार दिए जाने हेतु लाखों रुपए खर्च गौठान को विकसित करने में कार्य कर रही है लेकिन स्थानीय स्तर पर कार्य करने वाले निर्माण एजेंसी की भारी लापरवाही के कारण अब इसका लाभ नहीं मिल पा रहा
गौठान को मिलती है 10, हजार संचालन हेतु लेकिन उसका अता पता नहीं
प्राप्त जानकारी अनुसार पूर्ण हुए गौठान के संचालन हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायत के गौठान समिति को प्रत्येक माह₹10 हजार शासन की ओर से प्राप्त होती है लेकिन इस गौठान में काफी अव्यवस्था है इससे साफ पता चलता है कि गौठान संचालन हेतु प्राप्त पैसे की बंदरबांट किया जाता है
ऐसा ही स्थिति विकासखंड के उमरोली का है जहां गोबर खरीदी तक नहीं हो रही है
इन सभी समस्याओं को देखते हुए क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जिम्मेदार अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अधूरे निर्माण कार्य जल्द निर्माण कार्य पूर्ण करने एवं अव्यवस्था पर सुधार करने की मांग की है



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