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Chhattisgarh News शासकीय प्राथमिक शाला बनाहिल की भवन जर्जर एवं कीचड़ युक्त माहौल में बच्चे अपना अध्यापन कार्य करते हैं।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़

जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बनाहिल आता है जहां की शासकीय प्राथमिक शाला की भवन जर्जर एवं कीचड़ युक्त माहौल में बच्चे अपना अध्यापन कार्य करते हैं। क्योंकि स्कूल का निर्माण कार्य हुआ जो सड़क मार्ग पर संचालित है सड़कों का पानी पूर्ण रूप से स्कूलों में घुस जाता है बारिश के मौसम में छत से पानी टपकने लगता है इस भवन के पास मंगल भवन भी बनाया गया है मंगल भवन की ऊंचाई सबसे अधिक है जिसकी वजह से बारिश के दिनों का पानी शासकीय प्राथमिक शाला भवन के अंदर घुस जाता है जिससे बच्चों को परेशानी होता है। चुकी सड़क मार्ग पर स्थित है यह स्कूल अधिकारियों का आना जाना लगा रहता है मगर अधिकारी इस स्कूल की सुध नहीं ले रहे हैं जिससे बच्चों को परेशानी होती है एवं बच्चे कीचड़ युक्त माहौल में अध्यापन कार्य अपना संचालित रखते हैं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं जिससे जर्जर भवन कभी भी गिर सकता है बारिश के दिनों में अक्सर करके पानी भरा रहता है तथा भवन का रखरखाव मरम्मत कार्य भी नहीं हुआ है राज्य शासन द्वारा राशि आवंटन कर दी जाती है मगर उन राशियों का दुरुपयोग किया जाता है अधिकारियों के द्वारा। विडंबना यह है कि अकलतरा विधानसभा क्षेत्र विधानसभा चुनाव के पश्चात परिणाम में सत्तासीन विधायक के अधीन में नहीं रहता है अपॉजिट हो जाता है जिससे यहां विकास कार्य अवरुद्ध हो जाता है जिससे जिस जितने भी सरकारी भवन बने रहते हैं वह उसका रखरखाव भी समुचित व्यवस्था के अधीन में नहीं होता जिससे क्षेत्र की नागरिकों को परेशानी होती है। स्कूल के कर्मचारियों से पूछा गया कि मरम्मत हेतु अपने राज्य शासन को पत्र लिखा है कि नहीं उन्होंने कहा कि हमने कई बार पत्र लिखा मगर हमारे पत्रों का कोई जवाब नहीं देते जिसकी वजह से हम ऐसी व्यवस्था के अंतर्गत बच्चों को शिक्षा दीक्षा दे रहे हैं कीचड़ युक्त माहौल में बच्चों का कहना यह है कि हम लोग रोज ऐसे ही कीचड़ युक्त माहौल में पढ़ने लिखने को आते हैं हम लोग कभी भी बीमार हो सकते हैं ऐसी स्थिति पर तथा हां पानी भरा ओ के स्थिति में सांप बिच्छू का डर बना रहता है कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है जिसके लिए राज्य शासन जिम्मेदार रहेगी। राज्य शासन द्वारा शैक्षणिक गतिविधियों को विकास की पहलु में सर्वप्रथम नंबर वन में रखा गया है मगर स्कूलों को देखा जाए तो अव्यवस्था का आलम रहता है इस और राज्य शासन के अधीन अधिकारी मंत्री विधायक सांसद समुचित ध्यान नहीं देते जिससे विकास कार्य नहीं हो पाता। साथ ही साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि के द्वारा भी इसे अनदेखा कर दिया जाता है इसलिए अनदेखा किया जा रहा है कमीशन के चलते अधिकारी कर्मचारी ध्यान नहीं देते। हमारे दबंग केसरी संवाददाता एवं इंडियन न्यूज़ क्राइम ब्यूरो चीफ को संस्था प्रमुख ने बताया कि प्रतिवर्ष बारिश के दिनों में कीचड़ युक्त माहौल में हम लोग बच्चों को शिक्षा देते हैं पानी भरी रहती है सड़क का पानी नीचे उतर कर स्कूल भवन के अंदर घुस जाती है जिससे मिट्टी फर्श के अंदर जम जाती है सफाई करने वाला भी सफाई करते करते थक जाता है मगर सफाई होता ही नहीं क्योंकि बारिश के दिनों का पानी अक्सर स्कूलों में घुस जाती है सड़कों से उतर कर इससे काफी परेशानी होती है यह भी बताया कि हमने कई बार जिला शिक्षा अधिकारी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कलेक्टर को हमने इस बारे से हमने लिखित में शिकायत की है मगर उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया जाता है अधिकारियों के द्वारा। ऐसी स्थिति में डायरिया हैजा जैसे गंभीर बीमारी से ग्रसित हो जाएंगे बच्चे जो आज के बच्चे हैं कल के नेता अभिनेता बनेंगे उनके भविष्य के प्रति राज्य शासन ध्यान नहीं देगी तो क्या हाल होगा देश के बच्चों का। संस्था प्रमुख द्वारा यह कहा गया कि अगर मीडिया कर्मी इस ओर ध्यान देते हुए राज्य शासन को ध्यानाकर्षण कराएगी तो इस स्कूल का उद्धार होगा या संस्था प्रमुख द्वारा कहा गया स्कूल के सभी लोगों को परेशानी होती है कीचड़ युक्त माहौल में पढ़ाने में कोई रुचि नहीं लेता क्योंकि अगर मान लो स्वच्छ रहे तो हर शिक्षक अपने विद्यार्थी को समुचित अध्ययन अध्यापन कार्य को संभव कर पाएगा।

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