IC News and Media House Private Limited


उत्तरप्रदेशब्रेकिंग न्यूज़

Uttar Pradesh News काशी के घाटों पर टीका-चंदन लगाने वालों की भरमार, पुरोहितों में आक्रोश, बोले, छद्म वेशधारी श्रद्धालुओं से कर रहे जबरन वसूली

रिपोर्टर विवेक सिन्हा वाराणसी उत्तर प्रदेश

वाराणसी  अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के तत्वावधान में घाट पुरोहितों की बैठक शनिवार को दशाश्वमेध घाट स्थित श्री गंगा मंदिर में हुई। इसमें काशी के घाटों पर बाहरियों की दखल पर आपत्ति जताई गई। घाट पुरोहितों ने पुलिस-प्रशासन से अभियान चलाकर ऐसे लोगों को घाटों से खदेड़ने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि कई घाटों के तीर्थ पुरोहितों ने इन दिनों बाहरी अपरिचित डलिया-थरिया धारी छद्मवेशी, जिनका कोई अता-पता नहीं और जिनको घाटों पर या अन्यत्र कहीं भी टीका-चंदन लगाने, दान-दक्षिणा लेने का कोई अधिकार नहीं है, इनकी अचानक बहुतायात संख्या में उपस्थिति पर घोर चिंता जताई है। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण के पश्चात काशी आने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या में हुई। इसके साथ ही अवैध दलालों, गाइडों, वेंडरों, भिखमंगों और बाहरी अवांछनीय तत्वों की भरमार हो गई है। वे तीर्थ यात्रियों को भ्रमित करके, उन्हें गुमराह करके अवैध रूप से वसूली कर रहे हैं। इतना ही नही अन्य जनपदों से आए अवैध धोती – कुर्ताधारी तत्व माथे पर त्रिपुंड और कंधे पर गमछा रखकर, हाथों में चंदन टीका का प्लेट लेकर घाटों और मंदिर जाने वाले तीर्थ यात्रियों को जबरन टीका चंदन लगाकर वसूली करते हैं। हद तो तब हो गई जब इनकी कमाई देखकर घाटों पर भिक्षाटन करने वालों ने मियां-बीवी-बच्चों समेत इसे अपनी कमाई का जरिया बनाकर पंडित वेश धरकर इसमें कूद पड़े। कहा कि घाटों पर अन्य जाति के लोग अपने बच्चों को शिव-पार्वती रूप में सजाकर यात्रियों को जबरदस्ती टीका लीप रहे हैं। वर्तमान में इनकी तादाद दशाश्वमेध समेत अन्य सभी घाटों सहित घाट की सीढ़ियों, सड़कों व श्री काशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाले सभी मार्गों और गेटों तक काफी बढ़ गई है। नियम की बात की जाए तो गंगा घाटों पर स्नान करके यात्रियों को पूजन-संकल्प-दान व तिलक लगाने का अधिकार सदियों से घाट पुरोहितों का ही रहा है। ऐसे में इन अवांछनीय तत्वों के चलते घाट पुरोहित, तीर्थ पुरोहित की वृत्ति पर कुठाराघात हो रहा है। तीर्थ पुरोहितों और घाट पुरोहितों ने कई बार इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से की। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए इन पर रोक भी लगाई, लेकिन कुछ रोज़ बाद पुनः वही स्थिति कायम हो जाती है। ऐसे में प्रशासन को प्रभावी कार्रवाई करते हुए इन्हें घाटों से खदेड़ना चाहिए। इस दौरान श्री काशी तीर्थ पुरोहित महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष पंडित कन्हैया त्रिपाठी समेत अन्य रहे।

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button