Chhattisgarh News ग्राम पंचायत नरियारा में शौचालय निर्माण हेतु राशि आई थी जिसे सरपंच द्वारा रोका गया है।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
जांजगीर ग्राम पंचायत नरियारा में पक्ष शौचालय निर्माण हेतु 250 लोगों का नाम प्रस्तावित होकर जिला पंचायत कार्यालय से आया था निर्माण कार्य हेतु मगर सरपंच ग्राम पंचायत के द्वारा रोका गया है, तथा हितग्राही द्वारा पूछताछ की जाती है तो सरपंच कहता है कि रिजर्वेशन के आधार पर शौचालय निर्माण किया जाना है जबकि भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा किसी भी प्रकार की आरक्षण पद्धति के आधार पर निर्माण संबंधित आदेश नहीं है उसके बावजूद भी सरपंच द्वारा मनमानी रवैया अपनाते हुए स्वच्छ शौचालय निर्माण कार्य नहीं किया है वर्तमान सरपंच संतोषी पोर्ते द्वारा। यह की सरपंच द्वारा जिन 250 हितग्राहियों के नाम से लिस्ट अनुमोदन होकर आई थी उन रिश्तो को रोक दिया है तथा अन्य हितग्राहियों का भी आवेदन को लेकर शौचालय निर्माण हेतु प्रस्तुत किया है कहां है कि सरपंच 250 लोगों का जो निर्माण कार्य होगा उसी दौरान ने आवेदकों के साथ में शौचालय का निर्माण कार्य होगा कहकर रोका गया है। ग्राम पंचायत नरियारा की विडंबना यह है कि सरपंच एक है मगर सरपंची कार्य को पूरे पंच होकर कहते हैं कि मैं सरपंच हूं कह कर सरपंच के कर्तव्यों को नहीं करने दिया जाता है बाधा डाला जाता है,। जिन 250 लोगों का नाम आवेदन मंजूर होकर आया था तो पंचों के द्वारा हितग्राहियों से कमीशन की मांग की गई कि तुम्हारा हमने शौचालय निर्माण कार्य हेतु राशि आई है तो हमको कमीशन चाहिए कह कर हितग्राहियों के राशि की दुरुपयोग होना तथा स्वच्छ शौचालय निर्माण का भेंट चढ गया कमीशन के चलते। हितग्राहियों का कहना यह है कि जब शासन हमें शौचालय निर्माण कार्य हेतु राशि दी गई है उन राशियों को हमें दी जाए तो हम शौचालय निर्माण कार्य करेंगे मगर सरपंच के द्वारा राशि वितरण नहीं किया गया सरपंच के दलाल लोगों के द्वारा कमीशन खोरी की आदत सी बन गई है ₹12000 राशि प्रत्येक हितग्राहियों के लिए आती है उनमें से 4000 से लेकर ₹5000 तक कमीशन मांगते हैं सरपंच के दलाल एवं सरपंच। द्शौचालय निर्माण की प्रक्रिया को दलालों के चलते निर्माण नहीं होना तथा इसी तरह से विकास कार्य के नाम से जो भी राशि आता है सभी कार्यों में दलालों की भूमिका सक्रिय हो जाती है जिससे विकास कार्य अवरुद्ध हो जाता है,। ग्राम पंचायत के नरियारा के पंचायतों के अगर महिला पंच है तो उसका पति पंचायत की मीटिंग में उपस्थित होता है महिला उपस्थित नहीं रहती है पंच होकर तथा पुरुष वर्ग अर्थात महिला पंच का पति पंच प्रतिनिधित्व करता है बैठक के दौरान तथा महिला पंच घर में रहती है यह विधि विरुद्ध है।
ग्राम पंचायत नरियारा विभिन्न गलियां का सीसी रोड तंग गलियां बन चुकी है। उन विभिन्न गलियों का पुनर्निर्माण नहीं किया गया है राशि आई थी मगर कहां गई राशि इसकी कोई अता पता नहीं है। 250 लोगों का स्वच्छ शौचालय निर्माण की राशि कमीशन खोरो के चलते भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।


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