Madhya Pradesh News बड़े शहरों में रहने वाले लोग जब भी ऐसी खबरें पढ़ते या सुनते हैं तो हैरान रह जाते हैं कि आखिर ऐसा कैसे हो रहा है कि कहीं पर 2 रुपये किलो का टमाटर है और उन्हें 40 रुपये किलो तक चुकाने पड़ रहे हैं।

रिपोर्टर जाहिद अजमेरी आर खरगोन मध्य प्रदेश
निमाड़ तो मध्य प्रदेश का कृषि क्षेत्र है, लेकिन यहां सबसे बुरी हालत भी किसान की है। किसान को सरकार की तरफ से तमाम रियायतें और राहतें मिलती हैं, लेकिन फिर भी किसान हर जगह ठगा जाता है। कभी मौसम किसान पर मुसीबत बनकर टूटता है तो कभी परिस्थितियां उसका साथ नहीं देतीं। अगर सब कुछ ठीक रहे भी, तो जब वो अपनी फसल बेचने मंडी पहुंचता है तो वहां सही भाव नहीं मिलता। पिछले ही दिनों मालवा क्षेत्र के इंदौर मंडी चोइथराम में किसानों ने बहुत सारा टमाटर सड़क पर फेंक दिया, क्योंकि उसे फसल की लागत तक निकालने भर का दाम नहीं मिल रहा था। टमाटर की कीमत 2 रुपये प्रति किलो तक गिर गई थी। बड़े शहरों में रहने वाले लोग जब भी ऐसी खबरें पढ़ते या सुनते हैं तो हैरान रह जाते हैं कि आखिर ऐसा कैसे हो रहा है कि कहीं पर 2 रुपये किलो का टमाटर है और उन्हें 40 रुपये किलो तक चुकाने पड़ रहे हैं। यही है किसान से ठगी। जब किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचता है तो पता चलता है कि वहां पर उसे औने-पौने दाम मिल रहे हैं। उसके सामने अब सिर्फ एक ही रास्ता बचता है कि वह अपनी फसल जो भी भाव लग रहा है उस पर बेच दे, वरना वो खराब हो जाएगी। महंगाई की पिच पर टमाटर ने लगाई डबल सेंचुरी, दाम जल्द कम होने की उम्मीद नहीं! कसरावद में किसी भी सब्जी या सलाद का जायका बढाने वाला टमाटर अब रसोई से गायब होने लगा है. इसका कारण है टमाटर का लगातार बढ़ता भाव. इन दिनों कसरावद के साप्ताहिक हॉट बाजार मे सब्जी और अदरक 280 रुपये तो लहसुन 240 रुपये में हे तो टमाटर का दाम 100 से 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. इसके कारण आमजन के लिए इतना महंगा टमाटर और अदरक लहसुन खरीद पाना संभव नहीं है. टमाटर के साथ अदरक लहसुन कई सब्जियों ने दाम में अचानक आई तेजी का कारण पता किया तो किसी आपदा या प्रकृति की वजह नहीं रहे यहां के स्थानीय व्यापारियों और ग्राहकों का कहना है कि यह फसलें तो अच्छी आई थी।
जिसे बड़े दलालों ने कम रेट में खरीद कर कोल्ड स्टोर में रखा और किसान की उपज का सही दाम नहीं मिल सीजन मैं मंडी में लहसुन अदरक टमाटर की आवक ज्यादा होने से किसानो उपज का सही दाम नहीं दे सका वही बड़े स्तर पर दलालों ने सस्ते दाम में खरीद कर कोल्ड स्टोर में स्टॉप कर दिया जिससे आउट सीजन में अच्छी मोटी कमाई कर सकें जिसका असर अमीर से लेकर गरीब की थाली तक इसका असर देखने को मिल रहा है । टमाटर किसान सोच में डूबा है कि कितना दाम हमारी उपज का तो नहीं मिला पर हमें भी महंगी कीमतों पर सब्जी घर के लिए खरीदना पढ़ रही है। पहले कसरावद सब्जी मंडी में टमाटर किसान खुद भेज देते थे लेकिन अब यह घटकर कसरावद क्षेत्र का एक भी किसान सब्जी मंडी में नहीं आ रहा है। सब्जी मंडी के व्यापारियों द्वारा बताया कि महाराष्ट्र में टमाटर का एक केरेट 20 से 22 किलो का 1400 से 1600 रुपये तक में आ रहा है. भाव बढ़ने के पीछे एक कारण यह भी है कि महाराष्ट्र से आने वाले टमाटर के भाड़े में भी वृद्धि हुई है. इसके कारण इंदौर चोइथराम मंडी में टमाटर का भाव 80 से 100 रुपये के करीब पहुंच रहा है. महाराष्ट्र से आने वाले माल में कई बार टमाटर खराब भी निकलता है जिसके कारण सब्जी विक्रेताओं को नुकसान होता है. उन्होंने कहा कि कीमत बढ़ने से टमाटर की खरीदारी में गिरावट आई है. क्योंकि ज्यादातर लोग अब टमाटर नहीं खरीद पा रहे है।

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