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Haryana News खाने में मोटा अनाज इस्तेमाल करें नागरिक, 2023 को संयुक्त राष्ट्र ने घोषित किया है मोटा अनाज वर्ष-मोनिका गुप्ता, उपायुक्त नारनौल

रिपोर्टर सतीश नारनौल हरियाण

मिलेट यानि मोटा अनाज (बाजरा, जुआर, कांगनी, रागी इत्यादि) पौष्टिक अनाज होते हैं जो फाइबर, खनिज और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनकी इन्हीं खूबियों के चलते संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को मोटा अनाज वर्ष घोषित किया है। ऐसे में जिला के नागरिक अपने खाने में मोटा अनाज का इस्तेमाल करें। जिला महेंद्रगढ़ की जमीन भी इसी अनाज के उत्पादन के लिए सबसे उपयुक्त है। उक्त जानकारी देते हुए उपायुक्त नारनौल मोनिका गुप्ता ने बताया कि मोटे अनाज अकसर विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में उपयोग किए जाते हैं। दलिया, ब्रेड और साथ ही साइड डिश के रूप में भी पकाया जाता है। प्रदेश में मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार ने भी बाजरे का समर्थन मूल्य देश में सबसे अधिक किया हुआ है। इससे जिला महेंद्रगढ़ के किसानों को सबसे अधिक फायदा हुआ। उन्होंने बताया कि यह वर्ष बाजरा का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष है, जो बाजरा को एक पौष्टिक भोजन के रूप में बढ़ावा देता है जो किसानों और पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। उपायुक्त ने नागरिकों से आह्वान किया कि वर्ष 2023 को मोटा अनाज के तौर पर सफल बनाने के लिए सभी नागरिक अपने घरों में मोटे अनाज से संबंधित रेसिपी बनाएं। इससे मोटे अनाज की खपत बढ़ेगी और किसानों को भी फायदा होगा। उन्होंने बताया कि बाजरा उच्च तापमान, लगातार सूखे और बाढ़ के प्रति अत्यधिक सहनशील है। इसकी खेती शुष्क क्षेत्रों और वर्षा आधारित क्षेत्रों में की जा सकती है।

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