Chhattisgarh News छत्तीसगढ़ /रायपुर/ दुर्ग /भिलाई /बालोद/ मैं भी धार्मिक भेदभाव करने वाले ‘हलाल सर्टिफिकेशन’ पर भारत में प्रतिबंध लगाने की मांग
विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल ने उठाई आवाज, सौंपा पीएम के नाम एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन , क्या है पूरा मामला?

रिपोर्टर गौरीशंकर पिपरे दल्लीराजहरा छत्तीसगढ़
धर्म निरपेक्ष भारत में धर्म के आधार पर चल रही ‘हलाल प्रमाणपत्र’ व्यवस्था तत्काल बंद करने और ऐसे प्रमाणपत्र देने वाली सभी संस्थाओं की जांच करने के विषय में शुक्रवार को विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल बालोद ने अपनी आवाज बुलंद की .एसडीएम कार्यालय में पीएम के नाम से ज्ञापन देकर कहा गया कि वर्तमान में भारतीय मुसलमानों द्वारा प्रत्येक पदार्थ, वस्तु इस्लाम के अनुसार वैध अर्थात ‘हलाल’ होने की मांग की जा रही है यह मांग केवल मांस तक मर्यादित न होकर अनाज, फल, सौंदर्यप्रसाधन, औषधि इत्यादि उत्पादन भी हलाल नामांकित हो, ऐसी मांग मुसलमानों द्वारा की जा रही हैं। इसके लिए व्यापारियों को आवश्यकता न होते हुए
भी प्रत्येक उत्पादन के लिए ५० से ६० सहस्र रुपये भर कर ‘हलाल प्रमाणपत्र लेना पड़ता है सबसे महत्त्वपूर्ण अर्थात यह प्रमाणपत्र खाद्य और औषधि प्रशासन से नहीं, अपितु ‘जमीयत उलेमा-ए-हिंद’ जैसे मुसलमान संगठन द्वारा दिया जाता है इस हलाल अर्थव्यवस्था ने पूरे विश्व में वर्चस्व निर्माण किया है तथा भारत की अर्थव्यवस्था जितना अर्थात २ ट्रिलियन डॉलर्स का स्तर भी पार किया है। हिंदुओं के व्यापार और व्यवसाय में हस्तक्षेप कर समांतर आर्थिक व्यवस्था निर्माण करने का, यह वैश्विक षड्यंत्र है इस अर्थव्यवस्था के कारण अल्पसंख्यक मुसलमानों की बहुसंख्यकों पर एक प्रकार की तानाशाही आरंभ है
तथापि इस संदर्भ में हम आपका ध्यान निम्न सूत्रों की ओर आकर्षित करना चाहेंगे
भारत सरकार ने शरीयत आधारित ‘इस्लामिक बैंक’ भारत में आरंभ करने की मांग निरस्त की ।




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