Madhya Pradesh News मोहगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का मामला, 2019 से लगातार की जा रही थी गड़बड़ी
फर्जी तरीके से निकाली आशा प्रोत्साहन राशि, दो की सेवा समाप्त, 4 पर एफआइआर

रिपोर्टर इन्द्रमेन मार्को मण्डला मध्य प्रदेश
मामला कायम किया गया है जांच के बाद पता चलेगा कि और कौन.कौन इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार है।
विजय सिंह ठाकुर, थाना प्रभारी मोहगांव
मंडला जिले में आए दिन तरह-तरह के भ्रष्टाचार उजागर हो रहे हैं। इसी कड़ी में अब स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। जिसमें आशा प्रोत्साहन की राशि मिलीभगत से ऐसे दो लोगों के खाते में डाल दी गई। जो वास्तविकता में आशा कार्यकर्ता हैं ही नहीं। जांच के बाद पता चला कि यह राशि फर्जी तरीके से डाली गई। प्रोत्साहन राशि को सरकारी खाते में वापिस कर जमा करा लिया गया है। वहीं इस मामले में बीएएम और बीपीएम की सेवा समाप्ति की कार्रवाई करते हुए इनके सहित दो अन्य लोगों पर एफआईआर मोहगांव थाने में दर्ज कराई गई है।
ऐसे हुआ मामला उजागर
लाखों रुपए के भ्रष्टाचार से जुड़ा यह मामला मोहगांव विकासखंड में आशा प्रोत्साहन राशि का है। इस मामले में आरोपी ब्लॉक अकाउंट मैनेजर (बीएएम) रानू कुम्हरे व ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) अनामिका दुबे को नोटिस जारी कर गबन की राशि करीब 27.68 लाख रुपए राज्य स्वास्थ्य समिति के खाते में जमा कराई गई है। इनकी संविदा सेवा समाप्त करने की कार्रवाई करते हुए उक्त दोनों सहित चार लोगों के विरुद्ध मोहगांव थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई है। सूत्रों के अनुसार मोहगांव ब्लॉक में आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि में वर्ष 2019 से गड़बड़ी की जा रही थी। इसमें ब्लॉक मेडिकल ऑफिस में कार्यरत संविदा कर्मी बीएएम रानू कुम्हरे और बीपीएम अनामिका दुबे पर आरोप है कि इन्होंने अपनी पहचान की दो महिलाओं समीक्षा दुबे व विद्या कुम्हरे को फर्जी आशा कार्यकर्ता बनाकर इनके खातों में प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की गई।
दरअसल आशा पोर्टल पर विकासखंड मोहगांव में आशा के भुगतान में विसंगति पाई गई थी। जिसके बाद जांच की गई तो पोर्टल में रजिस्टर्ड ऐसी दो आशा कार्यकर्ता का पता चला जो वास्तविकता में आशा कार्यकर्ता नहीं हैं। इन्हें फर्जी तरीके से पोर्टल में रजिस्टर्ड किया गया था। साथ ही इनके खातों में कई बार राशि ट्रांसफर की गई। जिसके बाद मोहगांव बीएमओ की ओर से उक्त मामले में बीएएम रानू कुम्हरे और बीपीएम अनामिका दुबे की संलिप्तता पाते हुए उक्त दोनों संविदा कर्मियों सहित फर्जी आशा कार्यकर्ता समीक्षा दुबे व विद्या कुम्हरे के विरूद्ध मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल इस मामले में आरोपियों से गबन की गई राशि को सरकार के खाते में जमा करा लिया गया है। साथ ही मामले में संलिप्त संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त करते हुए मोहगांव थाने में उक्त चारों आरोपियों के विरुद्ध धारा 410, 409, 120 बी के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। बड़ा सवाल यहां यह भी बना हुआ है कि जब यह गड़बड़ी 2019 से लगातार की जा रही थी तो फिर वरिष्ठ अधिकारियों की इस गड़बड़ी पर नजर क्यों नहीं गई या फिर वे भी कहीं न कहीं इस गड़बड़ी में संलिप्त थे और जब कार्रवाई की बात आई है तो छोटे कर्मचारियों पर ही कार्यवाही कर बड़े अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।


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