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Chhattisgarh News विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और जैजैपुर विधानसभा से विधायक केशव चंद्रा से खास बातचीत

 रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ मे विधानसभा चुनाव को लेकर काउंटडाउन शुरू हो गया है। चुनाव को महज अब कुछ ही दिन बाकी है। चुनाव की तैयारी के लिए तमाम राजनीतिक पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है। दैनिक भास्कर ने छत्तीसगढ़ बसपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और जैजैपुर विधानसभा से विधायक केशव चंद्रा से चुनाव की रणनीति और स्थानीय मुद्दों को लेकर खास बातचीत की।

सवाल – छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को लेकर बीएसपी की क्या रणनीति है, किन मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ने की तैयारी है?
जवाब – छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव नजदीक है। बीएसपी इस बार सरकार बनाने के लिए चुनाव लड़ेगी या ऐसी स्थिति निर्मित करेंगे की हमारे बिना कोई पार्टी अपनी सरकार ना बना पाए। शीर्ष नेतृत्व का आदेश है कि बीएसपी इस बार पूरे 90 विधानसभा में चुनाव लड़ेगी। इसके लिए पूरे प्रदेशभर में हमारे कार्यकर्ता जुटे हुए है।

सवाल – बीएसपी प्रदेश प्रभारी ने बेमेतरा दौरे के दौरान सरकार बनने पर धान 4 हजार रुपए क्विंटल और मक्का 3 हजार रुपए क्विंटल में खरीदने की बात कही थी, क्या संभावनाएं है?
जवाब – अगर शीर्ष नेतृत्व ने कहा है कि सरकार बनने के बाद ऐसा करेंगे तो बिल्कुल हम 4 हजार रुपए क्विंटल मे धान और 3 हजार रुपए क्विंटल मे मक्का खरीदेंगे। साथ ही किसानों के हित में काम करते हुए उनको तमाम सुविधा उपलब्ध कराएंगे।

सवाल – जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति वर्ग के लोग बीएसपी के मुख्य वोट बैंक है, वे अपने नेता से नाखुश नजर आ रहे है
जवाब – नाखुशी वाली कोई बात नहीं है, विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत के अनुसूचित जाति वर्ग के कुछ लोग कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे है, कुछ लोग भाजपा का नेतृत्व कर रहे है। ऐसे लोग ही सबको भड़काने का काम कर रहे है, बहुजन समाज पार्टी के जो मददाता है उन्होंने शुरू से लेकर अभी तक बहुजन समाज पार्टी को बनाने का काम किया है। उन्होंने बीएसपी को आज राष्ट्रीय पार्टी तक पहुंचाया है। ऐसे लोग आज भी मेरे लिए प्रेरणा के केंद्र बिंदु है और उन्ही के आशीर्वाद से हम जैजैपुर विधानसभा में बहुजन समाज का निर्माण कर रहे है।

सवाल – भाजपा के जाबो गौठान खोलबो पोल अभियान के बारे में आपका क्या विचार है?
जवाब – हमारे संस्थापक माननीय काशीराम साहब ने कहा था कि यह दोनों पार्टियां चोर-चोर मौसेरा भाई है। इन दोनों का उद्देश्य लोगों का शोषण करना है, जब ये सत्ता में आते है तो लोगों का शोषण करते है। साढ़े चार साल तक चुप रहना और एकाएक छह महीने में सरकार की तमाम कमियों को उजागर करते हुए विरोध करना। यह तो तय है कि साढ़े चार साल तक पहले आप बांटो खाओ हम भी आपके साथ है और अब चुनाव का समय है तो हो सकता है कि हमारी सरकार बन जाए प्रयास कर रहे है तो यह सब दोनों की मिलीभगत है। इसी मिलीभगत की वजह से छत्तीसगढ़ की जनता परेशान हो रही है। छत्तीसगढ़ में केवल दो दलीय व्यवस्था है अगर यहां तीसरे दल की उपस्थिति होगी तो निश्चित ही इन्हें सबक मिलेगा।

सवाल – वर्तमान की छत्तीसगढ़ सरकार पर लगभग 2 हजार करोड़ के शराब घोटाले का आरोप लगा है, क्या कहना चाहेंगे?
जवाब – शराब घोटाला तो हुआ है और कितने का हुआ है यह एक अलग विषय है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार में भी घोटाला हुआ था। यह दोनों दल घोटालेबाज है, जब सत्ता में नहीं रहते है तो एक दूसरे के घोटाले को उजागर करते है और जब सत्ता में रहते है तो इसका आनंद लेते है, उस पैसे से अपना घर चलाते है अपनी पार्टी चलाते है। भाजपा का यह आरोप है और निश्चित तौर पर कांग्रेस इसमें बैक फुटपर है कि ये शराबबंदी करने का कहकर शराबबंदी नहीं कर रही है तो आने वाले चुनाव में कांग्रेस को इसका परिणाम भी भोगना पड़ेगा।

सवाल – छत्तीसगढ़ में इनकम टैक्स और प्रवर्तन निदेशालय की कार्यवाही को लेकर आपकी क्या राय है?
जवाब – इसके बारे में मुझे कुछ कहना नहीं है क्योंकि जब-जब भी ऐसा होता है तो आरोप लगता है कि यह राजनीतिक षड्यंत्र है करके लेकिन कहीं ना कहीं कोई बात तो है तब ईडी और आईटी का रेड पड़ता है। हर जगह हर घर में तो पड़ नहीं रहा है।

सवाल – आगामी चुनाव में भाजपा और कांग्रेस बीएसपी के लिए कितनी बड़ी चुनौती होगी?
जवाब – चुनौती तो दोनों ही पार्टियां है भाजपा भी है कांग्रेस भी है। क्योंकि दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियां है, दोनों ही पुरानी पार्टियां है। एक का केंद्र में सरकार है, एक का प्रदेश में सरकार है। दोनों को हम चुनौती के रूप में लेकर यहां काम कर रहे है। दोनों को चुनौती मानकर हम आगामी चुनाव में जीते, ऐसी रणनीति बनाकर क्षेत्र में कार्य कर रहे है।

सवाल – सक्ती जिले में जगह जगह पर राखड़ डंप हो रहा है, शासन और जनप्रतिनिधि इसको लेकर ध्यान नहीं से रहे है
जवाब – हम लगातार इसपर कार्यवाही के लिए पत्राचार कर रहे है, सिर्फ पत्राचार नहीं कर रहे है बल्कि कई जगहों पर खुद जाकर कार्यवाही भी कराए है। मैंने विधानसभा के प्रश्नकाल में प्रश्न भी लगाए है और निरंतर इसके लिए लड़ाई लड़ रहे है क्योंकि हमको मालूम है कि यह राखड भविष्य में हमारे खेतों और तालाबों को खराब करेगा। इसके लिए हम आगे भी लड़ाई लड़ते रहेंगे।

सवाल बीएसपी ने पिछले विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस(जे) के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था, इस बार किसी के साथ गठबंधन करेंगे?
जवाब – अभी तक तो शीर्ष नेतृत्व का निर्देश है कि हम गठबंधन नहीं करेंगे लेकिन राजनीति में कुछ कहा नहीं का सकता। भविष्य में शीर्ष नेतृत्व से जो आदेश मिलेगा उसका पालन करेंगे।

सवाल – छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरुवा, घुरवा, बाड़ी का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है?
जवाब – राज्य सरकार तो बोल रही है कि हमारी यह योजना सफल हो रही है, लोगों को इससे रोजगार मिल रहा है लेकिन कहीं का गौठान सफल नहीं हो पाया। किसी गौठान में 60 लाख रुपए लगा है तो किसी में 1 करोड़ रुपए लगा है लेकिन गौठान पानी में बह रहा है। आप एक भी गौठान बता दीजिए जिसमें मुर्गी पालन हो रहा हो, जिसमें मशरूम उत्पादन हो रहा हो, जिसमें सब्जी लगी हो और सबसे मुख्य जिसमें एक भी जानवर होगा। लेकिन कांग्रेस वाले आंख में पट्टी बांधे हुए है उनको गौठान में जानवर दिखते है, महिला स्व सहायता समूह के लोगों के लिए रोजगार की उपलब्धता दिखती है। आने वाले चुनाव में छत्तीसगढ़ की आम जनता निश्चित ही नरवा, गरूवा, घूरवा, बाड़ी को नकार कर कांग्रेस को बाहर का रास्ता दिखाएंगे।

सवाल – राज्य सरकार का रीपा प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है?
जवाब – इनका उद्देश्य है रीपा के माध्यम से गांवो में छोटे उद्योग स्थापित करना। कहीं तेल मील लगा रहे है, कहीं पोहा मिल लगा रहे है। अगर हम छोटे स्तर पर तेल मील लगाएंगे तो उसके लिए कच्चा माल कहां से उपलब्ध होगा। हम सरसो, तिल और मूंगफली कहां से प्राप्त करेंगे क्योंकि इस क्षेत्र के किसान ये सब बोते ही नहीं है। अगर हम दुकान से लेकर तेल निकालेंगे तो क्या उद्योगपतियों का तेल आता है उसका मुकाबला हम कर पाएंगे। यही परेशानी मसालों की भी है, हम अगर दुकान से हल्दी, मिर्ची, धनिया खरीदकर पीसेंगे और उसको बेचेंगे तो कौन खरीदेगा। क्योंकि जब तक हम रेट में उनका मुकाबला नहीं करेंगे तब तक कोई और ग्राहक हमसे सामान नहीं खरीदेगा। केवल यह सब गुमराह करने के लिए है कि हम रीपा प्रोजेक्ट के तहत गांवों में छोटे उद्योग लगा रहे है, लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे है।

सवाल – आने वाले चुनाव के लिए अपने क्षेत्र कि जनता को क्या संदेश देना चाहेंगे?
जवाब – आने वाले चुनाव के लिए मै क्षेत्र कि जनता से अनुरोध करता हूं कि कामों का आंकलन करे। आपने साढ़े नौ साल तक हमारे चाल, चरित्र, व्यवहार और काम करने के तरीके को देखा है। अगर तराजू में हमारी बात, चरित्र और व्यवहार वजन डालता है तो हमें आशीर्वाद दे। पहली बार ऐसा हुआ है कि एक नांगर जोतने वाले किसान का बेटा दो बार से विधानसभा में यहां नेतृत्व कर रहा है तो तीसरी बार आप लोग अवसर दे।

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