Madhya Pradesh News अनूपपुर जिला तहसील हल्का पटवारी पसान शैलेंद्र द्विवेदी 5 माह पहले हुए न्यायालय कमिश्नर शहडोल का नहीं कर रहे हैं पालन
भूमि पर अवैध कब्जा धारी भू माफियाओं से मोटी रकम लेकर कर लिए हैं सांठगांठ ! जिससे इनके द्वारा कर दी गई है न्यायालय आदेश अवज्ञा

रिपोर्टर सूर्यकांत मिश्रा अनूपपुर मध्य प्रदेश
जिला अनूपपुर तहसील अंतर्गत हल्का पसान मैं पदस्थ हल्का पटवारी शैलेंद्र द्विवेदी जिला के मूल निवासी हैं ! यह जबसे पसान हल्का मैं पदस्थ हुए हैं उसी समय से अपना लोकल पटवारी अधिकारी होने का रुतवा दिखा रहे हैं ! लोकल पटवारी तथा इस जिला के पैदाइशी होने से इस जिला के कुछ नेताओं से अपनी साख बनाकर गरीब असहाय किसानों का लगातार पैसा ही कमाने का मूल सिद्धांत बनाकर किसानों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं ! इनके द्वारा किसानों के राजस्व कार्य करने के लिए पैसों की मांग की जाती है ! पैसा प्राप्त होने के बाद किसानों के राजस्व कार्य को न करते हुए लगातार परेशान करते हुए भटका आया जा रहा है ! यह पटवारी शैलेंद्र दुबे दी स्थानीय नेताओं के ताकत से राजस्व के महत्वपूर्ण कार्यों को अपने मन मुताबिक विरोधी जैसा चाहे करते रहते हैं ! जिससे किसानों का आपस में विवाद होता रहे तथा भूमि पर विवाद होने से इनको भरपूर लाभ मिलता रहे ! यह पटवारी इस हल्का पसान पर जब से पदस्थ हुए हैं तबसे किसानों के राजस्व के कार्यों को इनके द्वारा अति विलंब करते हुए तथा ना करते हुए प्रभावित किया जा रहा है ! किसानों द्वारा इनसे अपने राजस्व कार्यो को कराने हेतु पूछे जाने पर इनका जवाब होता है कि काम हो जाएगा इसी आश्वासन में लगातार किसानों को अपने पीछे घुमाते रहते हैं ! इनके द्वारा यह भी कहां जाता है कि नक्शा तरमीम सीमांकन कार्य मेरा नहीं है यह काम राजस्व निरीक्षक का है ! अभी जिले में राजस्व निरीक्षक नहीं हैं ! इस तरह से किसानों को बताया जा रहा है ! जिस पर इनके द्वारा सभी कामों को रोके जाने पर पीड़ित किसानों ने जिला के उच्चाधिकारियों से शिकायत की है ! इनके द्वारा पुराने से पुराने राजस्व कार्यों को रोक रखा गया है ! न्यायालय कमिश्नर शहडोल द्वारा अवैध कब्जा धारियों भू माफियाओं के विरुद्ध आदेश 16 जनवरी 2023 को किया गया था की पीड़िता के भूमि पर नक्शा तरमीम सीमांकन की कारवाही एक माह के अंदर कराई जाए परंतु अब 5 माह के समय उपरांत भी नक्शा तरमीम सीमांकन नहीं की गई है !
न्यायालय तहसीलदार अनूपपुर राजस्व निरीक्षक के द्वारा इस बीच में तीन बार सूचना पत्र किसानों को नक्शा तरमीम सीमांकन होने के लिए दिया गया परंतु इस पटवारी के द्वारा इसका पालन न करते हुए टालमटोल करते हुए भू माफियाओं के तालमेल से नक्शा तरमीम सीमांकन के कार्य नहीं किए गए हैं ! शैलेंद्र द्विवेदी के लोकल पटवारी होने से इन अवैध कब्जा धारी भू माफियाओं व स्थानीय नेताओं से पूरी जान पहचान पहुंच पकड़ है ! जिससे इनके द्वारा इन से सांठगांठ करते हुए मोटी रकम लेकर पीड़िता की भूमि पर भू माफियाओं के मन मुताबिक नक्शा तरमीम सीमांकन करने के लिए सौदेबाजी कर लिए हैं ! जिससे कमिश्नर न्यायालय के आदेश का अति विलंब के बाद पालन इनके द्वारा नहीं किया जा रहा है ! न्यायालय कमिश्नर शहडोल द्वारा सख्त आदेश है कि मौका स्थल भूमि पर पहुंचकर नक्शा तरमीम सीमांकन के कार्य विधिवत संपादित किए जाएं ! शैलेंद्र द्विवेदी जी के द्वारा तहसीलदार वा राजस्व निरीक्षक अनूपपुर के जारी किए गए तीन बार सूचना पत्र प्राप्त होने के बाद भी न्यायालय के आदेशों का विधिवत पालन क्यों नहीं किया जा रहा है ! इस कार्य में कितना समय और लगाया जाएगा ! क्या लोगों का न्यायालय पर भी भरोसा नहीं होगा ! क्या ऐसे अधिकारियों के द्वारा पहुंच पकड़ बनाने के बाद मोटी रकम प्राप्त कर लेने के बाद तथा न्यायालय के आदेशों के अनुसार भू माफियाओं के मन मुताबिक पीड़िता की भूमि को विवादित करने का पूरा मन बनाकर अपने मनमानी तौर पर घर बैठकर इस कार्य को नियम विरुद्ध करने का उद्देश है ! क्या इस गरीब किसान असहाय महिला को ऐसे राजस्व के अधिकारी पटवारी के द्वारा न्यायालय के आदेश के बाद भी न्याय प्राप्त नहीं कराया जा सकता है ! क्या मध्यप्रदेश में शासन राजस्व तंत्र नियम विरुद्ध सभी कार्यों को मनमानी तौर पर करने का इस पटवारियों को छूट दे रखी है ! शैलेंद्र दुबे जी जैसे पटवारी जो अनियमितता नियम विरुद्ध अति विलंब राजस्व कार्यों को ना करते हुए किसानों को झूठी आश्वासन देकर पीड़ित करते हुए परेशान कर रहे हैं इन पर कभी उच्चाधिकारियों की नजर होगी ! या फिर ऐसे ही कानूनों की धज्जियां हवा में उड़ती रहेंगी

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