Madhya Pradesh News कार्रवाई सीएमओ और इंजीनियर की जांच शुरू ढेरों और भी हैं घोटाले कार्रवाई
सीएमओ और इंजीनियर की जांच शुरू ढेरों और भी हैं घोटाले जून11, 2023029

रिपोर्टर कंचन साहू उमरिया मध्य प्रदेश
उमरिया जिला मुख्यालय की नगर पालिका की बहुचर्चित सीएमओ ज्योति सिंह और इंजीनियर देव कुमार गुप्ता द्वारा किये गए भारी घोटालों की लंबी फेहरिश्त जिले के कलेक्टर को भाजपा पार्षदों ने सौंपा था। उस पर तत्काल तो अमल नही हुआ, उसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी इनके द्वारा किये जा रहे घोटालों की जानकारी दी गई। उसके बाद जिले के कलेक्टर डॉक्टर कृष्ण देव त्रिपाठी ने एक जांच टीम गठित कर उसका मुखिया अपर कलेक्टर के सी बोपचे को बना दिया है। गौरतलब है कि सीएमओ और इंजीनियर दोनो मिल कर फर्जी बिल लगा कर मनमानी पैसा आहरण कर लिए हैं और किसी को कोई जानकारी नही दिए, जब भाजपा पार्षदों को इसकी जानकारी लगी और सीएमओ एवं इंजीनियर से सामग्री क्रय करने की जानकारी मांगे तब इनके द्वारा जानकारी नही देने पर बात बिगड़ गई और तब शिकायत कर दी गई। जिसकी जांच करने के लिए जिले के कलेक्टर ने दल गठित कर निर्देश दे दिए हैं। वहीं इसके अलावा आम जनता जिले के कलेक्टर से अपेक्षा करती है कि नगर में हो रहे अतिक्रमण में नगर पालिका के कुछ कर्मचारी अवैध रूप से वसूली कर सीएमओ के साथ बंदरबांट करते हैं साथ बिना अनुमति हो रहे निर्माण कार्यों में फीलगुड कर लेने से शासन के राजस्व की क्षति हो रही है। इतना ही नहीं संपत्ति कर के बहुत से ऐसे मामले हैं जो भाजपा जिलाध्यक्ष दिलीप पांडेय एवं पूर्व कलेक्टर के भी संज्ञान में आये थे, कि नागरिकों को लाखों का बिल थमा कर कुछ हजार में समझौता कर लिया जाता है और आधे अधूरे की रशीद दे दी जाती है, जिससे राजस्व का नुकसान होता है,
इसकी भी जांच कराई जाए तो सच सामने आ जायेगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश द्विवेदी ने आरोप लगाते हुए बताया कि आगामी चुनाव में भाजपा को हराने की तैयारी में भी नगर पालिका सीएमओ ज्योति सिंह और इंजीनियर देव कुमार गुप्ता अहम भूमिका निभा रहे हैं। मार्केट एरिया, शान्ति मार्ग, विनोबा मार्ग, पाली रोड में जल प्रदाय का कोई निश्चित समय ही नही रह गया है, कभी 1 बजे दिन, 12 बजे रात और कभी 12 बजे दिन 11 बजे रात जल प्रदाय किया जाता है, इस भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए त्राहि त्राहि कर रहे हैं। जबकि इनके पूर्व जो जल प्रभारी थे उनके कार्यालय में सुबह 10 बजे और रात्रि साढ़े नौ बजे जल प्रदाय किया जाता था जो लोगों की दिनचर्या में रच बस गया था। जब जल प्रभारी इंजीनियर देव कुमार गुप्ता से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि लाइट नही रहती है जिसके कारण देर होता है, जबकि लाइट रहने के बाद भी यह रवैया रोज का हो गया है, इतना ही नही वाल भी पूरा नही खोला जाता है जिसके कारण नल में पानी भी ठीक ढंग से नही आता है। जिले के संवेदनशील कलेक्टर ने जांच का निर्देश तो दे दिया है लेकिन इन बिंदुओं पर भी जांच करवाएं तो सारी सच्चाई सामने आ जायेगी वहीं सीएमओ और इंजीनियर द्वारा जो 1 – 1 लाख के बिल निकाले जाते हैं उन पर भी प्रतिबंध लगाया जाए। इनके द्वारा क्रय किये गए सामग्री और जो पूर्व में क्रय की गई सामग्री है दोनो का वेरिफिकेशन कराया जाय तो कितना गबन हुआ है वह भी सामने आ जायेगा.

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