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Rajasthan News आईपीएस रंजिता शर्मा होगी कोटपूतली-बहरोड़ जिले की पुलिस ओएसडी वर्ष 2019 बैच की आईपीएस है रंजिता शर्मा

रिपोर्टर संजय मीणा किशोरपुरा झुंझुनू राजस्थान

आईपीएस अधिकारियों के पीएम मोदी के साथ हुए संवाद में योग के विषय को लेकर हुई चर्चा को लेकर सुर्खियों में आई थी आईपीएस शर्मा राज्य सरकार द्वारा नवगठित जिलों में प्रशासन के मुखिया के रूप में ओएसडी की नियुक्ति किये जाने के बाद विभाग वार अधिकारियों की ओएसडी के रूप में नियुक्ति की जा रही है। इसी क्रम में आईपीएस रंजिता शर्मा को कोटपूतली-बहरोड़ जिले का पुलिस ओएसडी नियुक्त किया गया है। रंजिता शर्मा इससे पूर्व उदयपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत थी। वे आईपीएस ट्रेनिंग पुरी करने के बाद पीएम नरेन्द्र मोदी के साथ हुई आईपीएस अधिकारियों की परिचर्चा के दौरान भी योग के विषय को लेकर चर्चा में आई थी। पुलिस अकादमी में स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से है पुरूस्कृत :- उल्लेखनीय है कि मूलत: निकटवर्ती हरियाणा राज्य के रेवाड़ी जिले के ग्राम डहीना की रहने वाली आईपीएस रंजिता शर्मा वर्ष 2019 बैच राजस्थान कैडर की आईपीएस है। उनका चयन यूपीएससी में वर्ष 2018 में हुआ था। जहाँ उन्हें 130 वीं रैंक प्राप्त हुई थी। वर्ष 2021 में हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में पासिंग आउट परेड के दौरान उन्हें स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से नवाजा गया था। यह सम्मान पाने वाली रंजिता शर्मा पहली महिला आईपीएस अधिकारी है। अभी तक अकादमी में सिर्फ पुरूष आईपीएस ही इस उपलब्धि को हांसिल कर पाये है। रंजिता ने पहली बार बतौर महिला आईपीएस स्वॉर्ड ऑफ ऑनर प्राप्त करने के साथ-साथ परेड को कमांड भी किया। साथ ही मार्शल आर्ट, पीटी, फायरिंग, रूट मार्च, दौड़, स्वीमिंग, हॉर्स रार्ईडिंग आदि सात विधाओं में अव्वल रही थी। वर्ष 2021 में 06 अगस्त को अकादमी में पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण का 72 वांँ दीक्षांत समारोह हुआ था। जिसमें वर्ष 2017, 2018 व 2019 बैच के 144 अधिकारियों व पड़ौसी देशों के 34 पुलिस अधिकारियों ने 02 वर्षो तक कड़ा परिश्रम कर प्रशिक्षण हांसिल किया। अन्तिम प्रयास में हांसिल की सफलता :- रंजिता की कहानी उनके लिए प्रेरणा है जो एक बार असफलता के बाद हार मान जाते है या फिर कोशिश करना छोड़ देते है। वर्तमान में आईपीएस रंजिता का परिवार हरियाणा के फरीदाबाद में रहता है। रंजिता का जन्म 01 नवम्बर 1986 को सतीश कुमार शर्मा व सविता शर्मा के घर हुआ था। अपने गाँव से आईपीएस बनने वाली वे पहली अधिकारी भी है। रंजिता के दो भाई भानु प्रताप शर्मा व वीर प्रताप शर्मा प्राईवेट कम्पनी में जॉब करते है। जबकि इनके ममेरे भाई आदित्य प्रकाश भारद्वाज आईआरएस अधिकारी है। यूपीएससी में रंजिता का सफर बेहद रोचक है। इन्होंने वर्ष 2013, 2015 व 2017 में प्रयास किया लेकिन प्रारम्भिक परीक्षा भी पास नहीं हुई। वर्ष 2014 व 2016 में प्रारम्भिक व मुख्य परीक्षा पास की। लेकिन इन्टरव्यु उत्तीर्ण नहीं कर पाई। जिसके बाद वर्ष 2018 में तीनों चरण पास कर आईपीएस अधिकारी बनी। रंजिता ने 05 बार असफल रहने के बावजुद भी हिम्मत नहीं हारी। यह अपने 6 वें व अन्तिम प्रयास में आईपीएस अधिकारी बनी। इससे पूर्व वे 09 वर्षो तक आईटी के क्षेत्र में कार्य कर चुकी है। साथ ही पत्रकारिता के क्षेत्र में भी विशेष रूचि रखती थी। उदयपुर में टे्रनी एएसपी के रूप में कार्यरत रंजिता के कंधों पर अब नवगठित कोटपूतली-बहरोड़ जिले में पुलिस महकमे की कमान है। पीएम मोदी से चर्चा में लिया था भाग :- वर्ष 2021 में दीक्षांत समारोह से पूर्व 31 जुलाई को पीएम नरेन्द्र मोदी ने 72 आर आर के पुरे बैच को सम्बोधित किया था। जिसमें बतौर कमान्डर भाग लेते हुए रंजिता शर्मा ने पीएम मोदी से चर्चा की थी। पीएम ने कहा था कि योग में रूचि रखने व पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढऩे की इच्छा रखने के बावजुद भी पुलिस सेवा में कैसे आना हुआ। इस पर उन्होंने बताया कि समाज पर कुछ असर उनके कार्यो का पड़े एवं जमीनी स्तर तक जाकर कार्य किया जा सकें इसके लिए प्रयासरत थी। पीएम ने यह भी पुछा था कि कोई ऐसा लक्ष्य निर्धारित किया है जिससे पुलिस व्यवस्था में बदलाव किया जा सकें। इस पर आईपीएस रंजिता ने पुलिस की छवि को सुधारने की बात कही थी। पीएम मोदी ने ड्युटी के अलावा सप्ताह में एक घण्टे बालिकाओं के बीच जाकर बात करने एवं योग कक्षायें चलाने की सलाह भी दी थी।

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