Madhya Pradesh News भीषण गर्मी में हो रही परेशानी, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
गौड़कालीन राजधानी में पर्यटकों को नहीं मिल रहा पेयजल, हाल ही में हुआ था आदि उत्सव

रायभगत की कोठी। आदि उत्सव में मिलता है पानी स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि रामनगर में पिछले 5-6 सालों में करोड़ों रुपए खर्च किया जा चुका है। इस बार भी आयोजन के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए गए। जिस रामनगर के गौरवशाली इतिहास को बताने के लिए आदि उत्सव जैसा आयोजन किया जाता है लेकिन आयोजन के बाद यहां आने वाले पर्यटकों पानी तक नसीब न होना इस तरह के आयोजनों पर सवाल खड़े करता है।
मंडला जिस रामनगर में आदि उत्सव के आयोजन के नाम पर कुछ दिनों पहले लाखों रुपए खर्च कर दिए गए, उसी रामनगर में पुरातात्विक महत्व के किलों, भवनों को देखने के लिए पहुंच रहे पर्यटकों को इस भीषण गर्मी में पीने के लिए पानी तक नसीब नहीं हो पा रहा है। यहां पेयजल के लिए टंकी तो बनी है लेकिन उसमें पानी ही नहीं है ये टंकियां सिर्फ शोपीस बन गई हैं। जो पर्यटक यहां महल, किलों को देखने के लिए पहुंच रहे हैं अपने प्यास बुझाने के लिए आसपास के होटलों में जाना पड़ रहा है। या फिर नर्मदा नदी के पानी से प्यास बुझानी पड़ रही है। कुछ पर्यटकों ने बताया कि यहां पुरातत्व विभाग द्वारा पर्यटकों से प्राचीन किलों को देखने के एवज में राशि ली जा रही है लेकिन पर्यटकों के लिए यहां पीने के लिए पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई है। खासकर मोतीमहल और रायभगत की काठी में पर्यटकों की अधिक भीड़ रहती है लेकिन यहां गर्मी के मौसम में पर्यटक परेशान है। पेयजल का यहां कोई इंतजाम नहीं है।

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