Madhya Pradesh News बेटा उमाशंकर के निधन के बाद पिता बद्री प्रसाद अहिरवार ने बेटी की याद में 5 हजार पौधारोपण कर वृक्षारोपण तैयार किए

रिपोर्टर मुहम्मद ख्वाजा टीकमगढ़ मध्यप्रदेश
टीकमगढ़ 5 जून 2023 टीकमगढ़ जिले और छतरपुर जिले के मध्य धसान नदी के किनारे भीषण गर्मी और बरसात के दिनों में भी हजारों जीव जंतु छाया व पानी पीकर 82 वर्षीय बद्री प्रसाद अहिरवार को दुआएं देते होंगे।
पलेरा जनपद के ग्राम बेला के रहने वाले श्री बद्री प्रसाद अहिरवार अपने समय के स्नातक स्तर शिक्षा लेने के बाद जनप्रतिनिधि के रूप में जनता की सेवा कर रहे थे इसी बीच 28 वर्षीय बेटा उमाशंकर अहिरवार की अचानक मृत्यु होने पर जवान बहू विधवा हो गई दो छोटे-छोटे बच्चे केसर से पिता का साया उठ गया इससे विचलित होकर बद्री प्रसाद अहिरवार धसान नदी के किनारे बने श्री हनुमान जी मंदिर और भोले शंकर के मंदिर के शरणागति होकर अध्यात्मिकता व भजन करता जीवन व्यतीत कर रहे थे सोते समय अचानक उन्हें गंगा मां ने प्रेरणा दी की इस संसार में आना-जाना प्रकृति का नियम है लेकिन आत्मा मन मन को शांति से दूर करने के लिए समाज सेवा राष्ट्र सेवा देशभक्ति करिए और एक वृक्ष के समान हैं और तुम वृक्षों का बगीचा तैयार करो इसी संकल्प को लेकर बद्री प्रसाद ने 11 वर्ष पहले नदी किनारे बंजर भूमि अधिग्रहण कुछ पर वृक्षारोपण शुरू किया और 11 वर्ष में 10,000 से ज्यादा विभिन्न जींस के वृक्षों का रोपण किया जिसमें फलदार आंवला के पेड़ सबसे ज्यादा लगाए पलेरा रोड पर वृक्षारोपण किया तथा दमोह में प्रत्येक परिवारों में घर-घर वृक्षारोपण करने का संकल्प दिलाया और हर घर में वृक्षारोपण कराया बगीचे में लगभग 5000 वृक्ष आज भी जीवित अवस्था में हरियाली और छायादार बढ़कर पशु पक्षी जीव जंतुओं की जीवन का आधार बने हैं। बुंदेलखंड के समाजसेवी राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा रत्न उपाधि से सम्मानित संतोष गंगेले कर्मयोगी नौगांव बुंदेलखंड जिला छतरपुर मध्य प्रदेश द्वारा अपने बुंदेलखंड भ्रमण के दौरान टीकमगढ़ जिले के ग्राम बेला पहुंचने पर आसपास के किसानों ने बताया कि बद्री प्रसाद अहिरवार ने पर्यावरण संरक्षण और किसानों को आत्म निर्भरता के रास्ते पर ले जाने का काम किया है। उनका इस अवसर पर पर्यावरण मित्र के रूप में सम्मानित किया गया क्योंकि उनके वृक्षारोपण से समाज को नई दिशा मिलती है और वृक्षारोपण से उनको अच्छी खासी आमदनी होती है ।
क्षेत्र में बेटियों के विवाह में निशुल्क रूप से बगीचे में उपलब्ध फल आंवला आम भी वितरण करते हैं। लगातार 25 वर्षों तक जनपद सरपंच पद के पद पर वर्तमान में धर्मपत्नी श्रीमती लक्ष्मी देवी सरपंच के रूप में जनसेवा कर रही हैं ।श्री बद्री प्रसाद अहिरवार एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती लक्ष्मी देवी सरपंच ने कहा कि उनके परिवार में कोई भी व्यक्ति नशा नहीं करता है मांस आदि का सेवन नहीं करते हैं शिक्षित और संस्कारवान बनके सरकारी योजना का लाभ लेकर देश और राष्ट्र सेवा के लिए बच्चे तैयार हो रहे हैं उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर क्षेत्र के साथ और आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि वह जीवन में स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए पर्यावरण के प्रति सचेत होकर वृक्षारोपण जरूर करते रहें । विश्व पर्यावरण दिवस पर श्री बद्री प्रसाद अहिरवार के बगीचे में समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी पता पलेरा के वरिष्ठ और युवा श्री सोनू विश्वकर्मा ने वृक्षारोपण किया और बगीचे का भ्रमण कर पति-पत्नी को सम्मानित किया।।

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