ब्रेकिंग न्यूज़मध्यप्रदेशमनोरंजन

Madhya Pradesh News माहिष्मती सर्व ब्राम्हण सभा द्वारा सामूहिक उपनयन संस्कार का आयोजन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ब्राम्हण बटुकों ने किया जनेऊ धारण

रिपोर्टर इन्द्रमेन मार्को मंडला मध्यप्रदेश

मंडला  माहिष्मती सर्व ब्राम्हण सभा द्वारा सोमवार को ब्राम्हण बालकों का सामूहिक उपनयन संस्कार कराया गया। जिसमें 45 बालकों का उपनयन संस्कार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ। ब्राम्हण सभा के अध्यक्ष आकाश दीक्षित ने बताया कि माहिष्मती सर्व ब्राम्हण महासभा द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस बार भी सिंहवाहिनी वार्ड के नावघाट स्थित रामलीला मैदान में ब्राम्हण बटुकों का उपनयन संस्कार कराया गया है। जिसमें मंडला जिले के विभिन्न स्थानों से लेकर आसपास के जिलों डिण्डौरी, शहपुरा से भी आए ब्राम्हण बालकों का उपनयन संस्कार कराया गया है। इसलिए जरूरी है व्रतबंध उपनयन संस्कार करा रहे पुरोहितों ने बताया गया कि हिंदू धर्मं के 16 संस्कारों में से 10वां संस्कार है उपनयन संस्कार। इसे यज्ञोपवीत या जनेऊ संस्कार भी कहा जाता है। उप यानी पास और नयन यानी ले जाना अर्थात् गुरु के पास ले जाने का अर्थ है उपनयन संस्कार। विधि-विधान के बाद ब्राम्हण बालकों का जनेऊ धारण कराया जाता है। जिसमें तीन सूत्र होते हैं। ये तीन सूत्र तीन देवता के प्रतीक हैं यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश। उपनयन संस्कार करा रहे पुरोहितों ने बताया कि यह संस्कार करने से ब्राम्हण बालकों को बल, ऊर्जा और तेज की प्राप्ति होती है

उनके आध्यात्मिक भाव जागृत होता है। बताया गया कि उपनयन संस्कार में विवाह में होने वाली अधिकांश रश्मों का पालन किया जाता है। केन्द्रीय मंत्री ने दी शुभकामनाएं कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते भी पहुंचे। यहां उन्होंने उपनयन संस्कार करा रहे पुरोहितों को शाॅल-श्रीफल देकर आशीर्वाद लिया। वहीं उन्होंने सभी बटुकों को उपनयन संस्कार कराने पर शुभकामनाएं दी। महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन ब्राम्हण सभा के अध्यक्ष ने बताया कि सोमवार की सुबह 9 बजे से वैदिक रीति से पूजन-विधान प्रारंभ किया गया, दोपहर 3 बजे तक सभी विधान पूरे कराए गए, इसके बाद सभी बटुकों को मां सिंहवाहिनी माता, मां नर्मदा के दर्शनों के लिए ले जाया गया और इसके बाद सभी बटुक बालक अपने परिजनों के साथ भगवान परशुराम मंदिर में एकत्रित हुए जहां भगवान परशुराम की महाआरती का आयोजन किया गया। आयोजकों द्वारा दूर-दूर से आए बटुकों के परिजनों के लिए भोजन प्रसादी की भी व्यवस्था की गई थी।

Indian Crime News

Related Articles

Back to top button