IC News and Media House Private Limited


छत्तीसगढ़ब्रेकिंग न्यूज़

Chhattisgarh News वर्मी कंपोस्ट से लाभांश के रूप में मिले 368664 रुपए।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर छत्तीसगढ़

जांजगीर चांपा के जनपद पंचायत बलौदा के ग्राम पंचायत चारपारा के जय महामाया समूह के लोगों के द्वारा यह समूह महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से संचालित है यहां पर गौठान चलती है जहां पर वर्मी कंपोस्ट खाद की बिक्री से समूह वालों को कुल लाभांश की प्राप्ति हुई है ₹368664 की कुल आमदनी इन्हें प्राप्त हुई है इन्होंने सब्जी बाड़ी के माध्यम से ₹235600 की आमदनी अर्जित की है इसी तरह से यह समूह पूर्ण रूप से विकसित समूह के रूप में माना जाता है।
जिले के बलौदा के ग्राम पंचायत चारपारा में जय महामाया स्व सहायता समूह की महिलाएं गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाने का कार्य कर रही है इन समूहों की महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के माध्यम से सीआईएफ की राशि 7008 की राशि 15000 एवं बैंक लिंकिंग से डेढ़ लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई ताकि समूह की संचालन विधियां अच्छी तरह से कर सके। महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्षा श्रीमती कुमारी बाई साहू ने बताया कि गोधन न्याय योजना से गोदान में गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाने का कार्य शुरू किया शुरुआती मेहनत एवं कुशल प्रशिक्षण मिलने से कार्य करना आसान हो गया गोबर से 868 दशमलव 80 कुंटल खाद की उत्पादन किया गया

और 888.1 कुंटल का विक्रय करते हुए 368664 रुपए की आय अर्जित की महिला समूह की महिलाएं जहां नहीं रुके उन्होंने गठान में चारागाह क्षेत्र के जमीनों पर सब्जी भाजी भी लगाना शुरू कर दिया उनकी मेहनत रंग लाएगी और समोसे बाड़ी में भिंडी बैंगन झुमका करेला टमाटर धनिया और कई प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया सब्जियों को स्थानीय बाजार में बेचकर महिला समूह ने ₹235600 की आय अर्जित की इस तरह समूह की महिलाओं का गांव में लखपति विधियों के नाम से जानिए एवं पहचानी जाती है। गो ठानों से जुड़ा है राधा समूह गो ठानों में वर्मी कंपोस्ट एवं सब्जी उत्पादन करने वाली महिलाओं की तरक्की को देखकर राधा एवं सीता महिला स्व सहायता समूह आजीविका गतिविधियों से जुड़ गया राधा समूह की अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला कंवर बताती है कि गो ठंआनों नों में मुर्गी पालन का कार्यकाल एन आर एल एम योजना से मिली सहायता राशि से शुरू किया बाजार से मुर्गी मुर्गी के चूजे खरीद कर बेहतर देखभाल करने है पालन पोषण किया बड़े होने पर मुर्गियों को बाजार में बेच कर₹276000 की राशि अर्जित की जिससे समूह को ₹14400 का लाभांश मिला इसी को ध्यान में सीता महिला स्व सहायता समूह द्वारा मशरूम उत्पादन का कार्य को शुरू किया जा रहा है जिससे उन्हें बेहतर आमदनी की उम्मीद है

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button