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अहमदबाद गुजरात हज कमेटी के चेयरमैन इकबाल सैयद जैसे ही कुर्सी पर बैठते हैं, जानिए इसके बारे में फुल एक्शन ?

रिपोर्टर अंसारी रफीक नूरी अहमदबाद गुजरात 

मुस्लिम समुदाय का पवित्र तीर्थस्थल सऊदी अरब के मक्का शहर में स्थित है। दुनिया भर में रहने वाले लाखों मुस्लिम हज के लिए मक्का जाते हैं। भारत से हज के लिए आवेदन करने वाले लाखों आवेदकों में से केवल भाग्यशाली लोगों को पवित्र हज यात्रा के लिए चुना जाता है। हज में 40 दिन लगते हैं जिसके दौरान कई परंपराएं पूरी की जाती हैं। लेकिन हज करने की एक शर्त है। शर्त यह है कि हज पर जाने वाले पर कोई कर्ज न हो। वह उधार के पैसे से भी हज्ज करने नहीं जा सकता है और उसके पास अधर्म का पैसा नहीं होना चाहिए।

हज यात्रियों को सरकारी प्रक्रियाओं में भी खासा नुकसान उठाना पड़ता है। लेकिन इस बार गुजरात सरकार द्वारा नवनियुक्त गुजरात हज कमेटी के अध्यक्ष इकबाल सैयद ने दिल्ली में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री से मुलाकात की और लाखों हज यात्रियों की समस्या को हल करने के लिए मौखिक और लिखित निवेदन किया कि हज के लिए जाते समय लोगों को सूटकेस (थैला) यानी एक आदमी का सूटकेस ले जाने के लिए पांच हजार देने पड़ते हैं। इसलिए भारत सरकार और सेंट्रल हज कमेटी ने विचार कर इस फैसले को रद्द करने का प्रस्ताव दिया था। और अल्पसंख्यक मंत्री स्मृति ईरानी ने भी इस फैसले को रद्द करने की अपनी तत्परता दिखाई थी, ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि यह फैसला जल्द ही रद्द हो जाएगा.

कौन हैं गुजरात स्टेट हज कमेटी के अध्यक्ष इकबाल सैयद, जानिए उनके बारे में
इकबाल सैयद सरल और शांत स्वभाव के माने जाते हैं। और पिछले 35 सालों से बीजेपी से जुड़े हुए हैं। पार्टी ने उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी है, उसे उन्होंने पूरी ईमानदारी से निभाया है, वर्तमान में वे अहमदाबाद शहर में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष भी हैं. और कई सामाजिक संस्थाओं से जुड़कर जनसेवा का कार्य भी कर रहे हैं। इकबाल सैयद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। भाजपा ने भी अपने लंबे समय से निष्ठावान कार्यकर्ता को हज कमेटी का अध्यक्ष बनाकर पुरस्कृत किया है।

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