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Chhattisgarh कोरबा मेडिकल कॉलेज में बड़ी लापरवाही, ऑपरेशन के बाद मरीज के पैर में स्क्रू लगाना भूले डॉक्टर

ब्यूरो चीफ उदित कुमार कोरबा छत्तीसगढ़

कोरबा l छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित गर्वमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। सड़क दुर्घटना में घायल एक महिला के पैर का ऑपरेशन करने के बाद डॉक्टर रॉड को स्थिर करने वाला जरूरी स्क्रू लगाना ही भूल गए। इस चूक का खुलासा ऑपरेशन के दो दिन बाद हुए एक्सरे में हुआ। मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार छुरी गांव निवासी भूरी मरकाम सड़क हादसे में घायल हो गई थी। दुर्घटना में उसके पैर की हड्डी टूट गई थी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने महिला के पैर का ऑपरेशन करने का फैसला लिया। सर्जरी के दौरान पैर में रॉड डाली गई और ऑपरेशन पूरा होने के बाद मरीज को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद भी महिला लगातार तेज दर्द की शिकायत कर रही थी। शुरुआत में डॉक्टरों ने इसे सामान्य बताया, लेकिन जब दो दिन बाद महिला का एक्सरे कराया गया तो पूरी सच्चाई सामने आई। एक्सरे रिपोर्ट में पता चला कि पैर में डाली गई रॉड को सपोर्ट देने वाला जरूरी स्क्रू लगाया ही नहीं गया है।
यह जानकारी सामने आते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय पर एक्सरे नहीं होता तो मरीज की स्थिति और गंभीर हो सकती थी। इस घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

अस्पताल प्रशासन ने अब महिला का दोबारा ऑपरेशन करने की बात कही है। डॉक्टरों का कहना है कि स्क्रू लगाने के लिए फिर से सर्जरी की जाएगी ताकि भविष्य में किसी तरह की समस्या न हो। हालांकि दूसरी बार ऑपरेशन की बात सुनकर परिजन चिंतित और नाराज हैं। उनका कहना है कि डॉक्टरों की गलती का खामियाजा मरीज को भुगतना पड़ रहा है।
इधर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. गोपाल कंवर ने इस मामले को सीधे तौर पर लापरवाही मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि चिकित्सा प्रक्रिया के तहत आगे की सर्जरी की जाएगी और मरीज का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। हालांकि अस्पताल प्रशासन की इस सफाई से परिजन संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।

इस घटना के बाद एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि मरीजों के इलाज में छोटी सी चूक भी गंभीर परिणाम ला सकती है, इसलिए अस्पतालों में जवाबदेही और निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है।

स्थानीय लोगों और मरीज के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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