Madhya Pradesh News मुड़वारा कटनी के प्रतिष्ठित समाजसेवी स्वर्गीय साधूराम जायसवाल जी ने वर्ष 1857 में अपने निज-निवास को दान में देकर साधूराम स्कूल बनाया था

रिपोर्टर निमेश कोरी कटनी मध्य प्रदेश
जब कटनी में शिक्षा का स्तर लगभग शून्य या एक या दो प्रतिशत रहा होगा, तब हमारे मुड़वारा कटनी के प्रतिष्ठित समाजसेवी स्वर्गीय साधूराम जायसवाल जी ने वर्ष 1857 में अपने निज-निवास को दान में देकर साधूराम स्कूल बनाया था, ताकि स्कूल में पढ़-लिख कर कटनी के बच्चे भी आगे बढ़ सकें | तब साधूराम स्कूल में पढ़ाई प्राथमिक स्तर पर चालू हुई थी, लेकिन जल्द ही माध्यमिक और फिर उच्चतर माध्यमिक बनकर यह स्कूल उबरा, धीरे-धीरे लोगों को शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी लगी तो कई किलोमीटर तक के बच्चे पैदल चलकर साधूराम स्कूल में पढ़ने आने लगे | तब साधूराम स्कूल एक प्रख्यात स्कूल बना | शायद आपको जानकर आश्चर्य होगा कि, 1971 भारत – पाकिस्तान युद्ध में जीत के गुमनाम आधार, प्रधानमंत्री स्वगीय इंदिरा गांधी के मुख्य सचिव आदरणीय पी.एन.हक्सर जैसे लोग हमारी कटनी के साधुराम स्कूल में शिक्षा ग्रहण किए हैं, सैकड़ों आई.पी.एस./आई.ए.एस/ पुलिस/प्रशासन/डाक्टर जैसे उच्च पद पर आसीन लोग साधूराम स्कूल में पढ़े लिखे और अपनी प्रारंभिक शिक्षा को आधार बनाकर यहां तक पहुंचे | लेकिन फिर आई मध्य प्रदेश में निकम्मी भाजपा की सरकार, जिसने सबसे पहले प्रदेश भर की शासकीय शिक्षा पर एक गहरा प्रहार किया, शासकीय स्कूलो में शिक्षा को समाप्त किया जाने लगा, शासकीय स्कूल की बिल्डिंगों को जर्जर होने दिया गया, शिक्षकों की भर्ती में रोक लगा दी गई, जिसका असर तमाम प्रदेश के स्कूलों के साथ-साथ हमारी कटनी के साधूराम स्कूल पर भी पड़ा | टूटा हुआ छप्पर, लगातार गिर रहे खपरे, बारिश में टपक रहा पानी, टूटी हुईं खिड़कियां, दरवाजे, वेंटीलेशन, जर्जर सीढिय़ा, कबाड़ की तरह पड़े फर्नीचर, भूत बंगला सा नजारा। इस बात की चीख-चीख कर गवाही दे रहा है | फिर भी वीरान पड़े, भूत बंगले से साधूराम स्कूल की पुकार कोई सुनने वाला नहीं है, इस स्कूल में अब केवल 120 छात्र पढ़ रहे हैं, लेकिन उपस्थिति 30-40 छात्रो की ही होती है, स्कूल का मैदान पार्किंग के लिए इस्तेमाल होता है, कमरों में आधार कार्ड सेंटर लगाए जाते हैं | गंजेड़ी, नशेड़ी, स्मैकिए स्कूल के पीछे वाले हिस्से में नशा करते हैं, कुछ कमरों को नगर निगम ने कुत्तो की नसबंदी करवाने के लिए सुरक्षित कर रखा है | आधा शहर पेशाब करने साधूराम स्कूल जाता है | पूरे शहर के पूंजीपति साधूराम स्कूल की जमीन हड़पने के लिए तरह तरह के जुगत में लगे हैं पर वह बिल्डिंग है कि इतनी उपेक्षा के बाद भी गिरने का नाम नही ले रही है | आज कटनी के निकम्मे नेताओ से हमारी कटनी के लोगों और मतदाताओं को पूंछना चाहिए कि हमने आपको वोट क्या तुम्हारा व्यापार बढ़ाने, तुम्हारे बच्चो और खानदान को बढ़ाने या तुमको जीवन भर पेंशन दिलाने के लिए दिया था यदि नहीं तो साधूराम स्कूल को सी.एम.राईस स्कूल बनाने के लिए हमारी कटनी के लोगों को प्रयास करना चाहिए, ताकि हमारे बच्चे अच्छी और सस्ती शिक्षा प्राप्त हो सके और एक नेक व्यक्ति का नाम जनम जनम तक जीवित रह सके | साधूराम स्कूल को बचाने के लिए हमारे द्वारा अपने स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं |




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