Madhya Pradesh News जिला अस्पताल में दमोह में पिताओं की भूमिका भर्ती नवजात के पालन पोषण में बढ़ी

रिपोर्टर शैलेन्द्र जैन दमोह मध्य प्रदेश
कंगारू मदर केयर यानी अपनी नग्न छाती से बच्चे के नग्न शरीर को चिपका कर त्वचा के त्वचा से सम्पर्क के द्वारा बच्चे को गर्म रखना। एक ऐसी प्रक्रिया है,जिससे कम समय मे जन्मे या कम वजन के बच्चे जिन्हें हायपोथेरमिया का खतरा रहता है, उन्हें हायपोथेरमिया से बचाया जा सकता है। यह वैज्ञानिक तरीके से सम्मत विधि है, जिसे अब तक नवजात की माँ या मौसी या दादी ही करवाती थी, जबकि यह प्रक्रिया स्त्री अथवा पुरुष कोई भी करा सकता है। इस सम्बंध में सिविल सर्जन एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ राजेश नामदेव ने बताया उन्होंने खुद इंटरेस्ट लेकर नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई प्रभारी डॉ सोनू शर्मा की देखरेख में इसे शुरू करवाया है। इस कंगारू मदर केयर के फायदेहायपोथेरमिया से बचाव, भावनात्मक जुड़ाव, शिशु के मस्तिष्क पर पॉजिटिव प्रभाव, इन्फेक्शन के प्रभाव कम होना, अस्पताल से जल्दी छुट्टी में मदद, शिशु को अधिक एव निश्चिन्त नीद का लाभ, शिशु जितना ज्यादा सोता है,उतना जल्दी वजन बढ़ता है, यदि माँ kmc करवाये, तो उसे दुग्सत्राव में मदद मिलती है। जिला अस्पताल दमोह के आर एम ओ डॉ विशाल शुक्ला ने बताया कंगारू मदर केयर में अब पिताओं की भागीदारी बढ़ाई जा रही है, जो कि अनूठी पहल है।पिता भी अब इससे अपने आप को भावनात्मक रूप से नवजात से ज्यादा जुड़ा पा रहे हैं। कुछ पिताओं ने अपने शिशुओं की सुरक्षा के लिये इसी दौरान नशा आदि छोड़ने का मन भी बना लिया है। 




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