Chhattisgarh News जांजगीर चांपा जिले को रोशन करने वाले दो ऐसे प्रमुख छात्र हैं
दृष्टिबाधित दिवस ने रचा इतिहास।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा जिले को रोशन करने वाले दो ऐसे प्रमुख छात्र हैं जोकि दृष्टिबाधित दिवस हैं जिनके मन में कुछ करने की इच्छा होती है वह कमजोर लोगों को अपनी ताकत बना लेते हैं और अपनी पकड़ के बल पर नई पकड़ और सफलता को प्राप्त कर लेता है इसके लिए उसे अपनी कमजोर समझ कमजोर ना समझे बल्कि अपनी इच्छा शक्ति को मजबूत करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।

इसका जीता जागता उदाहरण जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम करनावद में देखने को मिला यहां की पायल जुर्माना सेना बबली ब्लॉक के करनावद की रहने वाली है युवा पौड़ी शाकर हाई स्कूल में पढ़ती है वह पूर्ण दृष्टिबाधित है और दिन है वह कक्षा दसवीं में 57% अंक नीचा किया उनके घर में खुशियों का माहौल है क्योंकि पायल एक दृष्टिबाधित एक भी एक सामान्य छात्र की तरह दसवीं में 57% अंक लिखे हुए हैं। ज्यादा अंक खींचना चाहते हैं और शिक्षक बनना चाहते हैं, उन्हें शिक्षिका शशि सिंह बाला का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ वाह ब्रेल लिप सीख और पढ़ाई में विशेष सहयोग करता है, इसके अलावा पाठ्यक्रम की ऑडियो रिकॉर्डिंग एवं वर्ग में शिक्षकों की व्याख्या अपनी पढ़ाई की और की सहेलियों को भी मदद मिल गई थी उन्हें शास्त्री संगीत में भी विशेष रुचि है और वह शास्त्री गायन भी करती है यह हमारे जांजगीर-चांपा जिले की गौरव की बात है। की मन में जो रहता है कर जाने की जो तमन्ना वह मन की तमन्ना बेशक पूरी हो जाती है चाहे वह मार्ग में कितना भी व्यवधान आ जाए वह मार्ग फूलों की तरह सज कर राहगीरों को चलाना आसान कर देता है।


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