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Haryana News पेयजल की बर्बादी के प्रति विभाग हुआ सख्त घर-घर सर्वे कर टीमें पेयजल बर्बाद करने वालों को करेंगी चिन्हित, विभाग देगा नोटिस

रिपोर्टर सतीश नारनौल हरियाणा

नारनौल 11 मई  गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग पानी की एक एक बूंद बचाने के लिए अब गंभीर हो गया है। गांव-गांव में जल एवं सीवरेज समिति व ग्रामीणों के साथ मिलकर जहां सामाजिक मानचित्रण के माध्यम से गांव में पेयजल संबंधित समस्याओं को चिन्हित किया जा रहा है। वहीं घर-घर जाकर नलों पर टोंटी सुनिष्चित करवाना व गंदी नाली में पड़े पेयजल कनैक्शनों को ठीक करवाने व हटाने के लिए भी ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा है। इसी संदर्भ में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन के जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा किया। सिहमा खंड की ग्राम पंचायत सागरपुर में ग्राम पंचायत व ग्राम जल एवं सीवरे समिति सदस्यों के साथ बैठक के दौरान पेयजल की बर्बादी को रोकने व पेयजल को गंदा होने से बचाने के लिए कुछ आवश्यक नियम निर्धारित किये है। जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने अपनी टीम के साथ घर-घर जाकर ग्रामीणों से पेयजल बर्बादी को रोकने के लिए नलों पर टोंटी लगाने के लिए आहवान किया। साथ ही जल संरक्षण की इस मुहिम में हर ग्रामीण का सहयोग करने लिए आगे आने के लिए निवेदन भी किया। ताकि गिरते भूजल को भी बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि पानी खून की भांति है जिसे बनाया नहीं बचाया जा सकता है। सरपंच सूबेसिंह ने मीटिंग के माध्यम से बताया कि गांव में 7 नलकूप हैं।

ग्राम जल एवं सीवरेज समिति सदस्यों ने बताया कि गांव में पेयजल की बर्बादी अधिक है जिस वजह से कुछ जगहों पर पानी नहीं पहुंच पाता है। इसके लिए नलकूपों को चलाने का समय भी फिक्स किया जाये ताकि पेयजल की बर्बादी कम हो व खुले नलों पर टोंटी सुनिष्चित करने के लिए ग्रामीणाों ने आवष्यक नियम बनाने के लिए समर्थन किया। जिन उपभोक्ताओं के नल कनैक्शन गंदी नाली में पड़ें हैं, एक से अधिक कनैक्शन ले रखे हैं। उन्हें हटाने के लिए मुहिम चलाने के लिए पंचों व ग्राम जल एवं सीवरेज समिति सदस्यों की ड्यूटि निर्धारित की गई। वहीं उपमंडल अभियंता अजय यादव ने सरपंच को फोन के माध्यम से अवगत करवाया पेयजल की बर्बादी करने वालों, पानी को गंदा करने वालों, नलों पर टूंटी व वाल ना लगाने वालों पर विभाग की ओर से चेतावनी नोटिस भी जारी किया जाएगा। ताकि गांव में पेयजल की बर्बादी ना हो। इसके लिए ग्राम पंचायत ऐसे उपभोक्ताओं का नाम चिन्हित करके विभाग को भेजें व विभाग के बीआरसी व सोशियोलॉजिस्ट भी सर्वे करके उपभोक्ताओं को चिन्हित करें। एक सप्ताह के अंतराल के बाद किसी का नल व्यर्थ बहता पाया गया, गंदी नाली में पाया गया, नल पर टोंटी नहीं मिली तो चिन्हित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभागीय नोटिस की अवमानना करने वालो उपभोक्ताओं के नल कनैक्शन हटाये जायेंगे। इस मौके पर बीआरसी धर्मेंद्र, ग्राम जल एवं सीवरेज समिति सदस्य व पंच वर्षा, लक्ष्मी बाई, रामौतार, बलजीत सिंह, सीमा देवी, विक्रम कुमार, रोशनी देवी, पूजा देवी, बबली, नलकूप चालक धर्मपाल, इंदू, सीमा देवी, आदि मौजूद रहे। जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में बन रही है वीडब्ल्यूएससी
जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने बताया कि जिले के सभी ग्राम पंचायतों की ग्राम जल एवं सीवरेज समिति का पुनर्गठन किया जा रहा है। साथ ही सामाजिक मानचित्रण भी किया जा रहा है। अब तक जिले में कुल 210 ग्राम पंचायतों की ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों का पुनर्गठन किया जा चुका है। 133 ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन किया जाना शेष है।

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