
रिपोर्टर शिव कुमार अमृतसर पंजाब
मलेरिया से बचाव के लिए सावधान व जागरूक रहने की जरूरत : डॉ. नवजोतपाल सिंह भुल्लर
भूषण घडेला तप मंडी 26 अप्रैल सिविल सर्जन बरनाला डॉ. जसबीर सिंह औलख के दिशा निर्देश एवं वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवजोतपाल सिंह भुल्लर के नेतृत्व में विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर प्रखंड के तपा व विभिन्न गांवों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (ब्वायज) तापा में स्कूली बच्चों ने मलेरिया से जागरूकता पोस्टर बनाने के लिए प्रतियोगिता आयोजित कर भाषण दिया, जिसे वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डाॅ. नवजोतपाल सिंह भुल्लर और प्रिंसिपल इंचार्ज तलविंदर सिंह सिद्धू को भी सम्मानित किया गया। डॉ। जानकारी देते हुए नवजोतपाल सिंह भुल्लर ने बताया कि मलेरिया बुखार मादा मच्छर ‘एनाफ्लाइज’ के काटने से फैलता है। यह मच्छर ठहरे हुए पानी में पैदा होता है। ये मच्छर रात और भोर में काटते हैं। ठंड लगना और ठंड लगना, तेज बुखार और सिरदर्द, थकान, कमजोरी और बुखार कम होने के बाद पसीना आना इसके लक्षण हैं। जागरूक होकर और सावधानी बरतकर मलेरिया से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मलेरिया के मरीजों की जांच व इलाज नि:शुल्क किया जाता है। पंजाब सरकार ने ‘पंजाब मलेरिया खातमा अभियान’ के तहत राज्य के सभी जिलों से मलेरिया को खत्म करने का लक्ष्य रखा है।
प्रखंड विस्तार शिक्षक गौतम ऋषि, बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य पर्यवेक्षक विनोद कुमार व जसपाल सिंह, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता कुलदीप सिंह ने कहा कि घरों के आसपास छोटे-छोटे गड्ढों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए. सड़क, खाई या अन्य स्थानों पर जहां पानी खड़ा हो, काला तेल छिड़कें। ऐसे कपड़े पहनें जो पूरे शरीर को ढके हों ताकि मच्छर काट न सकें। सोते समय मच्छरदानी, मच्छर भगाने वाली क्रीम का प्रयोग करें। कूलर, टंकी, गमलों का पानी हर सप्ताह बदलना चाहिए। घर में कूड़ा-कचरा, खुले में टूटे बर्तनों में या छतों पर रखा पानी नष्ट कर देना चाहिए। इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मी कश्मीर सिंह, स्कूल टीचर राजिंदर सिंह, सीमा रानी, दीपक कुमार मौजूद रहे।




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