Jharkhand News : सिजुआ के तीन पटिया टोला में धरती ने ली करवट, 10 वर्षीय बच्चे की मौत की सूचना; सड़क पर उतरे ग्रामीण
सिजुआ में फिर धंसी जमीन, मासूम की मौत की खबर से मचा कोहराम; पुनर्वास की मांग पर ग्रामीणों का प्रदर्शन

ब्यूरो चीफ मिथिलेश पांडे धनबाद झारखण्ड
कतरास/धनबाद जोगता थाना क्षेत्र के बीसीसीएल कतरास क्षेत्र अंतर्गत सिजुआ मोड़ के तीन पटिया टोला में मंगलवार की सुबह अचानक हुए जोरदार भू-धंसान ने इलाके की तस्वीर बदल दी। तेज आवाज के साथ जमीन धंसने की घटना से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई घरों के प्रभावित होने की सूचना के बाद ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस हादसे में गुड्डू भुइयां के करीब 10 वर्षीय पुत्र की भू-धंसान की चपेट में आने से मौत हो गई। हालांकि, बच्चे की मौत की आधिकारिक पुष्टि प्रशासन की ओर से अभी प्रतीक्षित है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए और राहत-बचाव की स्थिति का जायजा लेने लगे।
👉जमीन के साथ धंसा पीपल का पेड़, दिखने लगीं गहरी दरारें
घटनास्थल की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां मौजूद बिजली के तार/पोल तथा विशाल पीपल का पेड़ भी जमीन के काफी नीचे धंस गया। आसपास जमीन में कई स्थानों पर गहरी दरारें दिखाई दे रही है इन परिस्थितियों ने स्थानीय परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों को डर है कि यदि जमीन का धंसाव आगे भी जारी रहा तो आसपास के घर और आबादी इसकी चपेट में आ सकती है।
👉ग्रामीणों का आरोप—कथित अवैध खनन ने बढ़ाया खतरा
घटना के बाद ग्रामीणों में बीसीसीएल , पुलिस, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा सीआईएसएफ-4 को लेकर नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से कथित रूप से अवैध कोयला खनन गतिविधियां संचालित होती रही हैं, जिसके कारण भूमिगत स्थिति असुरक्षित हुई और भू-धंसान का खतरा बढ़ा है। हालांकि, अवैध खनन से इस भू-धंसान का सीधा संबंध अभी जांच का विषय है। ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराकर वास्तविक कारण सामने लाया जाए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अवैध गतिविधि की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
👉आक्रोशित ग्रामीणों ने कतरास-धनबाद मार्ग किया जाम
हादसे के बाद ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीण प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर बसाने, घटनास्थल को सुरक्षित करने और भू-धंसान की विशेषज्ञों से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और स्थायी पुनर्वास का ठोस इंतजाम नहीं होता, तब तक उनकी चिंता दूर नहीं होगी।
👉अब सबसे बड़ा सवाल—कौन बचाएगा इन परिवारों को?
तीन पटिया टोला की घटना ने एक बार फिर कोयलांचल के उन इलाकों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है, जहां भूमिगत खनन और भू-धंसान का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन केवल घटना के बाद मौके पर पहुंचने तक सीमित न रहे, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों का वैज्ञानिक सर्वे कराकर स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई करे। फिलहाल इलाके में भय और तनाव का माहौल है। प्रशासन की ओर से घटना, बच्चे की मौत और भू-धंसान के कारणों को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है।
👉ग्राउंड जीरो से ‘इंडियन क्राइम न्यूज़’ की विशेष रिपोर्ट
इस पूरी घटना की जमीनी हकीकत जानने के लिए इंडियन क्राइम न्यूज़ के ब्यूरो चीफ मिथिलेश पाण्डेय घटनास्थल पर मौजूद हैं। भू-धंसान के कारण, प्रभावित परिवारों की स्थिति, कथित अवैध खनन के आरोपों और प्रशासन-BCCL की भूमिका से जुड़े तमाम पहलुओं की मौके से पड़ताल की जा रही है। ग्राउंड जीरो से सामने आने वाली तस्वीरों, ग्रामीणों के बयान और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट कुछ देर बाद ‘इंडियन क्राइम न्यूज़’ पर साझा की जाएगी।




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