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Jharkhand News : नागदा खदान हादसे की 20वीं बरसी: 50 शहीद श्रमिकों की याद में फिर छलका दर्द

6 सितंबर 2006 की काली शाम आज भी है याद, 50 खदान श्रमिकों को दी श्रद्धांजलि

ब्यूरो चीफ मिथिलेश पांडे धनबाद झारखण्ड

महुदा। नागदा खदान हादसे की 20वीं बरसी पर रविवार को एक बार फिर उस दर्दनाक घटना की यादें ताजा हो उठीं। भाटडीह कोलियरी के नागदा कोलियरी कार्यालय परिसर स्थित शहीद स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। यहां बीसीसीएल अधिकारियों, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मृत श्रमिकों के परिजनों ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर हादसे में जान गंवाने वाले 50 श्रमिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

श्रद्धांजलि सभा का माहौल पूरी तरह भावुक रहा। दो दशक गुजर जाने के बाद भी हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों के लिए वह घटना किसी पुराने जख्म से कम नहीं है। स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित करते समय कई परिजन भावुक नजर आए। उपस्थित लोगों ने कहा कि नागदा खदान हादसे की भयावह स्मृतियां आज भी क्षेत्रवासियों के जेहन में जीवित हैं। 6 सितंबर 2006 की वह भयावह शाम बताया जाता है कि 6 सितंबर 2006 को द्वितीय पाली के दौरान शाम करीब 7:30 बजे नागदा खदान की सात नंबर इंकलाइन में गैसीय विस्फोट हुआ था। अचानक हुए इस भीषण हादसे के बाद खदान क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी। विस्फोट के बाद उठते धुएं के गुबार ने पूरे इलाके को दहला दिया था। हादसे में 50 श्रमिकों की मौत हो गई थी। घटना की खबर फैलते ही इलाके में मातम पसर गया था और बड़ी संख्या में लोग अपने परिजनों की सलामती की उम्मीद लेकर खदान क्षेत्र के आसपास जुट गए थे। लेकिन हादसे की भयावहता ने कई परिवारों को हमेशा के लिए अपनों से दूर कर दिया।

शहीद स्मारक बना स्मृतियों का साक्षी 20वीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि खदानों में काम करने वाले श्रमिकों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। नागदा हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की स्मृति आने वाली पीढ़ियों को भी उनके त्याग और कर्तव्य की याद दिलाती रहेगी। श्रद्धांजलि सभा में एके झा, डब्ल्यूजेए मुनीडीह के महाप्रबंधक, प्रबंधक विभूति कुमार मिश्रा, सीटू नेता पीएन तिवारी, भक्तू प्रसाद महतो, अधिवक्ता निर्मल कुमार रवानी, अशोक दशौंधी, अनिल रजक, मुखिया बदरुद्दीन अंसारी, पूर्व मुखिया संपद घोषाल, आदर कुमार मिश्रा, पूर्व पंसस दिनेश प्रमाणिक, समाजसेवी शिवाकर महतो, दुर्गा ठाकुर, विद्या प्रकाश पांडेय, राजीव कुमार सिंह, गणेश सिंह, ब्रजेश चौबे तथा स्वाभिमान संस्था की सचिव सुषमा देवी सहित कई लोग मौजूद रहे। इसके अलावा भुवनेश्वरी देवी, लक्ष्मी देवी, माला देवी, अंजली कुमारी, अदालत देशवाली समेत विभिन्न श्रमिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि और शहीद श्रमिकों के परिजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर नागदा खदान हादसे में जान गंवाने वाले 50 श्रमिकों को श्रद्धांजलि दी और उनकी स्मृति को नमन किया। दो दशक बाद भी नागदा हादसे की याद ने एक बार फिर यह एहसास कराया कि खदान में शहीद हुए श्रमिकों की कहानी केवल इतिहास का एक पन्ना नहीं, बल्कि उनके परिवारों और पूरे कोयलांचल की स्मृतियों का हिस्सा है।

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