Rajasthan News : वार्ड 33 में भाजपा के राधेश्याम शाक्य ने वापस लिया निर्दलीय नामांकन

ब्यूरो चीफ महावीर चन्द्र आबूरोड
आबुरोड टिकट नहीं मिलने से नाराज थे तीन बार के पार्षद, वरिष्ठ नेताओं के समझाने पर बदला फैसला; अर्जुन भाया को जिताने की अपील
वार्ड 33। भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना चुके वरिष्ठ कार्यकर्ता राधेश्याम शाक्य ने संगठन की निष्ठा के आगे अपना फैसला बदलते हुए निर्दलीय नामांकन वापस ले लिया। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अर्जुन भाया के समर्थन में मैदान में उतरने का ऐलान किया। इस घटनाक्रम को वार्ड 33 में भाजपा के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी, जिला अध्यक्ष रक्षा भंडारी एवं जिला संगठन सहप्रभारी आवड़दान चारण राधेश्याम शाक्य के घर पहुंचे। नेताओं ने टिकट नहीं मिलने पर उन्हें सांत्वना दी और भाजपा संगठन में उचित प्रतिनिधित्व का आश्वासन दिया। वरिष्ठ नेताओं के समझाने पर राधेश्याम शाक्य ने संगठन के साथ मिलकर कार्य करने की सहमति जताई।

राधेश्याम शाक्य भाजपा से तीन बार के पार्षद रहे हैं। पार्टी की टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बनाया था। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के आग्रह पर उन्होंने अपना निर्णय बदल दिया और संगठन के हित में काम करने का फैसला किया। अर्जुन भाया को माला पहनाकर दिया समर्थन इस दौरान राधेश्याम शाक्य ने वार्ड 33 के भाजपा प्रत्याशी अर्जुन भाया को माला पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अर्जुन भाया को वार्ड से 200 से अधिक मतों से विजयी बनाने की अपील की। उनके इस कदम से भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में एकजुटता का संदेश गया।
उपखंड कार्यालय में वापस लिया नामांकन इसके बाद उपखंड कार्यालय में पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश कोठारी, वरिष्ठ बाबू भाई पटेल एवं अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में राधेश्याम शाक्य ने अपना निर्दलीय नामांकन वापस लिया।
नामांकन वापसी के साथ ही उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में चुनावी मैदान में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्णय लिया। इस अवसर पर पूर्व मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र संबरिया,विजय गोठवाल, संतोष भारद्वाज,युवा मोर्चा अध्यक्ष दिपेश अग्रवाल,महामंत्री धर्मेंद्र शाक्य सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन के लिए एकजुटता का संदेश राधेश्याम शाक्य के नामांकन वापस लेने से वार्ड 33 में भाजपा के संगठनात्मक एकजुटता के प्रयासों को मजबूती मिली है। वरिष्ठ नेताओं की पहल और कार्यकर्ताओं के आग्रह के बाद लिया गया यह निर्णय पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



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