Uttar Pradesh News: तहसील में लेखपाल गायब, दुकानों पर ‘दरबार’!
सरकारी काम के लिए भटक रहे फरियादी, सुविधा शुल्क के आरोपों ने बढ़ाए सवाल
रिपोर्टर मनीष फतेहपुर, उत्तर प्रदेश
फतेहपुर। जनपद की सदर तहसील में लेखपालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शिकायत है कि कई लेखपाल निर्धारित समय में तहसील में उपलब्ध नहीं रहते और आसपास की दुकानों या अन्य स्थानों पर बैठकर फरियादियों से मिलते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वरासत, पैमाइश, खतौनी सुधार, आय-जाति-निवास रिपोर्ट सहित राजस्व कार्यों के लिए उन्हें लेखपालों की तलाश में भटकना पड़ता है। कुछ मामलों में काम के बदले कथित ‘सुविधा शुल्क’ मांगे जाने की शिकायतें भी सामने आने की बात कही जा रही है।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के तहत सरकारी सेवकों से कर्तव्यनिष्ठ और नियमसम्मत आचरण की अपेक्षा है। वहीं, रिश्वत या अनुचित लाभ की मांग की पुष्टि होने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। अब प्रशासन से सीधे सवाल क्या लेखपालों की औचक उपस्थिति जांची जाएगी? क्या बाहर बैठकर सरकारी काम करने की शिकायतों की जांच होगी? और यदि रिश्वत के आरोप सही पाए गए तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई कब होगी? शिकायत सही है या गलत—यह जांच से साफ होगा, लेकिन जांच कौन करेगा और कब करेगा, अब असली सवाल यही है।


Subscribe to my channel