Jharkhand News : कतरास में छात्रों को साइबर अपराध से बचाव का पाठ, पुलिस ने बताए फ्रॉड के 30 तरीके
साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत, परेशानी में 112 डायल करने की दी जानकारी
ब्यूरो चीफ मिथिलेश पांडे धनबाद झारखण्ड
कतरास। डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से कतरास पुलिस ने गुरुवार को जीएनएम इंटर कॉलेज कतरास में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराध और साइबर धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए। थाना प्रभारी ने कहा कि तकनीक ने जीवन को आसान और सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों की निजी जानकारी, भावनाओं, विश्वास और तकनीकी जानकारी की कमी का फायदा उठाकर उन्हें आर्थिक तथा मानसिक नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। 30 तरह के साइबर फ्रॉड से कराया अवगत अभियान के दौरान विद्यार्थियों को साइबर अपराध के करीब 30 अलग-अलग तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने समझाया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध कॉल या मैसेज का जवाब देने, ओटीपी साझा करने अथवा सोशल मीडिया पर अपरिचित लोगों से संपर्क बढ़ाने से किस तरह लोग साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं।

प्रवीण कुमार ने विशेष रूप से विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इंस्टाग्राम पर किसी अनजान व्यक्ति से दोस्ती नहीं करनी चाहिए और किसी अपरिचित व्यक्ति की वीडियो कॉल भी रिसीव नहीं करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकिंग या किसी अन्य ऑनलाइन सेवा से संबंधित ओटीपी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं किया जाना चाहिए। ठगी होते ही 1930 पर करें संपर्क पुलिस ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने की जानकारी भी दी।थाना प्रभारी ने कहा कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो बिना देरी किए 1930 पर इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते रकम को रोकने अथवा आवश्यक कार्रवाई की संभावना बनी रहे। इसके साथ ही किसी प्रकार की परेशानी, खतरे या आपात स्थिति में 112 पर डायल करने की जानकारी भी छात्र-छात्राओं को दी गई। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर डायल 112 के माध्यम से तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
POCSO एक्ट की भी दी जानकारी जागरूकता कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को POCSO एक्ट के प्रावधानों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा परेशानी को छिपाने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को इसकी जानकारी देने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय की प्राचार्य रेखा कुमारी ने पुलिस के इस जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान बताई गई सावधानियों को अपने व्यवहार में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा को लेकर मिली यह जानकारी विद्यार्थियों के भविष्य में काफी उपयोगी साबित होगी। कार्यक्रम में प्राचार्य रेखा कुमारी के अलावा शिक्षक बबलू महतो, संकेता कुमारी, नीलू, शांतनु पांडेय और सिराज अहमद सहित पुलिस पदाधिकारी पु०अ०नि० मनोज कुमार, दुर्गेश कुमार और पु०अ०नि० पवन तिर्की मौजूद रहे। बड़ी संख्या में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अभियान में हिस्सा लिया।
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