Uttar Pradesh News : बसपा के इकलौते लोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह ने दिल्ली के फोर्टिस हॉस्पिटल में ली अंतिम सांस: बहन कुमारी मायावती जी बांधती थी राखी बेटे से बोली हिम्मत नहीं हारना।
जिला रिपोर्टर वकील शेख मंसूरी चंदौली यू.पी.
चंदौली। यूपी में बसपा के रसड़ा विधानसभा के लोकप्रिय विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार रात करीब सारे 9:00 बजे उन्होंने दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में अंतिम सांस ली ।55 साल के उमाशंकर लंबे समय से ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे अमेरिका से भी इलाज कराया करवाया था लेकिन कैंसर चौथी स्टेज तक पहुंच गया था। उमाशंकर सिंह बलिया जिले के रसडा सीट से तीन बार विधायक रहे परिवार में पत्नी पूजा सिंह बेटी यामिनी और बेटा प्रिंस यूकेस है ।विधायक ने यामिनी की 2019 और मुकेश की 2024 में शादी की थी राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह जी भतीजी कनिका सिंह यूकेस की पत्नी है ।बसपा प्रमुख मायावती जी इस शादी में भी पहुंचे थी। पुष्पा सिंह अपने पति की कंपनी ‘ सी.एस.इंफ्रा कंस्ट्रक्शन लिमिटेड’ की मैनेजिंग डायरेक्टर और यूकेस मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) है। उमाशंकर के निधन के बाद प्रिंस यूकेस को उनकी राजनीतिक विरासत का उत्तराधिकारी माना जा रहा है हालांकि यूकेस कभी एक्टिव पॉलिटिक्स में नहीं दिखे हैं। बहन कुमारी मायावती जी विधायक उमाशंकर को अपना छोटा भाई मानती थी पिछले साल 9 अगस्त को रक्षाबंधन पर उन्हें राखी बांधी थी निधन के बाद मायावती ने यूकेस से बात की । कहा हिम्मत नहीं हारना बसपा परिवार आपके साथ है आगे बढ़ाना है। बसपा के सूत्रों के अनुसार विधायक उमाशंकर सिंह का अंतिम संस्कार गुरुवार को रसड़ा में ही किया जाएगा।
आखरी बार 24 फरवरी को विधानसभा से ऑनलाइन जुड़े थे*बसपा विधायक स्वास्थ्य कारणों से 24 फरवरी 2025 को विधानसभा शास्त्र में ऑनलाइन जुड़े थे कार्रवाई के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने न केवल उमाशंकर सिंह को वर्च्यूअली जोड़ने और बोलने की अनुमति दी थी बल्कि पूरे सदन की तरफ से जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी बसपा विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष को धन्यवाद देते हुए आभार जताया था। 2011 में बसपा जॉइंट की कब से लगातार विधायक रहे* उमाशंकर जी के पिता घुरहू सिंह भारतीय सेवा से रिटायर थे। उमाशंकर ने अपनी पढ़ाई बलिया में की और छात्र जीवन से ही राजनीतिक में सक्रिय हो गए बलिया के सतीश चंद्र कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव जीत कर उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की है राजनीतिक में आने से पहले वह ठेकेदारी का काम करते थे जिला पंचायत चुनाव जीतने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीतिक में कदम रखा 2012 में पहली बार रसड़ा से विधायक बने उस चुनाव में बसपा की सीट 206 से घटकर 80 रह गई थी लेकिन उमाशंकर सिंह ने 84 हजार से ज्यादा वोट लेकर सपा के सनातन पाण्डेय को करीब 52000 फोटो से हराया इसके बाद उन्होंने 2017 और 2022 में भी लगातार जीत दर्ज की 2022 की विधानसभा चुनाव में बसपा को सिर्फ एक सीट मिली थी और वह सेट उमाशंकर सिंह ने जीतकर पार्टी के खाता खुलवाया था लगातार तीन जीत से क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ को साबित किया था।

पूर्वांचल में बसपा का बड़ा चेहरा थे*उमाशंकर सिंह 2012 में 251 लड़कियों और 2016 में 351 हिंदू मुस्लिम जोड़ों का सामूहिक विवाह कर कर चर्चा में आए थे उन्हें पूर्वांचल में बसपा का चेहरा माना जाता था क्षेत्र में विकास कार्यों और जन सेवा के कारण उनकी अलग पहचान थे।
फरवरी 2026 में जब कैंसर का इलाज कर रहे थे तब आयकर विभाग ने उनके कई थी किसानों को छापेमारी की थी। 2017 में आयोग घोषित हुए थे 14 जनवरी 2017 को तत्कालीन राज्यपाल राम नायक ने उन्हें आयोग घोषित कर दिया था उन पर रिप्रेजेंटेशन आफ द पीपल एक्ट के उल्लंघन का आरोप था मामला सरकारी ठेके अपने नाम पर लेने से जुड़ा था लोकायुक्त की जांच में आप सही पाए गए थे हाई कोर्ट के निर्देश पर चुनाव आयोग की सिफारिश के बाद उनके सदस्य रद्द कर दी गई थी यह प्रदेश का पहला मामला था जब किसी विधायक के संस्थापक पिछली तारीख से समाप्त की गई बाद में मणिशंकर सिंह ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दें जहां फैसला उनके पास में आया। 54 करोड़ की संपत्ति 13 करोड़ का कर्ज था*2022 के चुनावी शपथ पत्र के अनुसार उमाशंकर सिंह के कुल संपत्ति करीब 54 करोड रुपए हैं इसमें 18.1 05 करोड रुपए की चल संपत्ति और 35.99 करोड रुपए की अचल संपत्ति शामिल है उन पर करीब 13 करोड रुपए का कर्ज विट्ठल उमाशंकर सिंह राजनीतिक के साथ-साथ कारोबार की दुनिया में सक्रिय उनके छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन नाम की कंपनी सड़क निर्माण का काम करते थे कई रोड प्रोजेक्ट पूरे कर चुके थे उनकी कंपनी खनन के क्षेत्र में भी काम करते थे निर्माण और खनन के अलावा वह शिक्षा और होटल कारवार से जुड़े हुए थे।
मायावती ने x पर लिखा मुझे बड़ी बहन मानते थे कुमारी मायावती ने अपने x पर लिखा वफादार विधायक उमाशंकर के निधन की खबर अति दुखद है पार्टी के प्रति उनका निष्ठा की जितनी भी तारीफ की जाए वह काम है उनका पूरा परिवार बीएसपी परिवार की तरह है उनके परिवार के सभी लोग मुझे बड़ी बहन की तरह ही पूरा आदर्श सम्मान देते हैं हिम्मत नहीं हारना है आगे बढ़ाना है उनके पुत्र से लगातार संपर्क बने रहने के दौरान आज शाम उनके ज्ञान की खबर मिली इस दुख की घड़ी में मैं पूरी परिवार उनके पार्टी और उनके परिवार के साथ है उन्हें किसी भी प्रकार की हिम्मत नहीं हारना है। सीएम योगी ने विधायक के निधन पर दुख जाहिर किया उन्होंने देवेंद्र आत्मा और परिवार के लिए भगवान आराम से प्रार्थना की सपा प्रमुख अखिलेश ने x पर लिखा विधायक उमाशंकर का निधन अत्यंत दुखद है ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे शोक संतृप्त परियोजना के गहरी संवेदनाएं। भावभीनी श्रद्धांजलि । उमाशंकर सिंह के निधन के बाद अब प्रदेश में पांच विधानसभा सीटें खाली हो गई है इनमें तीन सिम सपा और एक एक सीट भागता हुआ बसपा के खाते से है 23 जुलाई को आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से सपा विधायक आलमबदी आजमी साहब का निधन हुआ था। उसके पहले इसी शादी में जनवरी में सोनभद्र की दुद्धी सीट से सपा विधायक विजय सिंह गोंड और बरेली की फरीदपुर सीट से भाजपा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का निधन हो गया था पिछले साल मऊ की घोसी सीट से सपा विधायक सुधाकर सिंह का निधन हो गया था हालांकि इन सीटों पर अब यूपी चुनाव होने की संभावना कम है क्योंकि विधानसभा चुनाव में 1 साल से भी काम बचा है



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