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5.5 साल से लापता सेजल झा: एक मां का अंतहीन इंतजार, अब पूरे देश से उठ रही न्याय की मांग

👉”सेजल कहां है?”— 5.5 साल बाद भी अनसुलझा रहस्य, हर घर से आवाज उठाने की अपील

👉भारत की बेटी सेजल झा की तलाश जारी, गौतम मंडल बोले— “आज नहीं जागे तो कल किसी और की बेटी होगी गायब”

👉साढ़े पांच साल बाद भी नहीं मिला सेजल का सुराग, मानव तस्करी पर सख्त कार्रवाई की उठी मांग

बोकारो जिले के पिंड्राजोड़ा थाना क्षेत्र से 16 अक्टूबर 2020 को ट्यूशन के लिए निकली 14 वर्षीय सेजल झा उर्फ पाखी कुमारी झा आज भी लापता हैं। साढ़े पांच वर्ष बीत जाने के बावजूद उनका कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। यह मामला अब केवल एक लापता किशोरी की तलाश तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि कानून-व्यवस्था, बेटियों की सुरक्षा और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

घटना के दिन सेजल साइकिल से ट्यूशन के लिए निकली थीं। रास्ते में उनकी साइकिल, स्कूल बैग और चप्पलें सड़क किनारे मिलीं, लेकिन उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका। परिवार का आरोप है कि वर्षों तक जांच आगे नहीं बढ़ी और उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता रहा।

👉एक मां की साढ़े पांच साल लंबी लड़ाई

सेजल की मां उषा झा, जो पेशे से शिक्षिका हैं, पिछले साढ़े पांच वर्षों से अपनी बेटी की तलाश में लगातार संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने थाना, जिला प्रशासन, न्यायालय और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों तक गुहार लगाई, लेकिन अब तक उनकी बेटी का कोई पता नहीं चल पाया।

मामले में कई संदिग्धों से पूछताछ और नार्को टेस्ट भी कराए गए, लेकिन जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। अप्रैल 2026 में जांच सीआईडी को सौंपी गई। इसके बाद जुलाई 2026 में झारखंड हाईकोर्ट ने मामले में सीबीआई को पक्षकार बनाते हुए सीआईडी के साथ संयुक्त जांच का निर्देश दिया। इसके बावजूद अब तक सेजल का कोई सुराग नहीं मिला है।

👉गौतम मंडल ने समाज से की एकजुट होने की अपील*

सामाजिक कार्यकर्ता एवं मंडल समाज के केंद्रीय महामंत्री गौतम मंडल ने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं, बल्कि पूरे देश की बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है।

उन्होंने कहा कि पहले भी लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर सेजल को न्याय दिलाने की मांग की थी, लेकिन अब जरूरत है कि सभी जाति, धर्म, समुदाय, सामाजिक संगठन और सभी राजनीतिक दल एक मंच पर आकर इस मुद्दे पर आवाज बुलंद करें।

उनका कहना था, “जब तक हर घर, हर गली और हर शहर से एक आवाज नहीं उठेगी, तब तक सिस्टम पूरी तरह नहीं जागेगा। उषा झा की पीड़ा केवल एक मां की पीड़ा नहीं, बल्कि पूरे समाज की पीड़ा है।”

👉मानव तस्करी के खिलाफ देशव्यापी अभियान की मांग

गौतम मंडल ने इस मामले को मानव तस्करी के संभावित खतरे से जोड़ते हुए पूरे देश में मानव तस्करी के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता और सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि आज समाज ऐसे मामलों पर चुप रहा तो भविष्य में किसी और बेटी के साथ भी ऐसी घटना हो सकती है।

👉अब एक सवाल पूरे देश से

सेजल झा की गुमशुदगी का मामला आज भी अनसुलझा है। पांच साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन एक मां का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है। अब यह केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता और व्यवस्था की जवाबदेही की परीक्षा बन चुका है।

अपील की जा रही है कि हर नागरिक, हर सामाजिक संगठन और हर मीडिया मंच एक सवाल जरूर उठाए

सेजल कहां है?

शायद यही सवाल किसी नई जानकारी का कारण बने और वर्षों से अपनी बेटी की राह देख रही एक मां का इंतजार आखिरकार समाप्त हो सके।

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