बीसीसीएल के खंडहर क्वार्टर से चल रहा था करोड़ों का लॉटरी सिंडिकेट, धनबाद पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
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👉धनबाद में अवैध लॉटरी रैकेट का पर्दाफाश, बीसीसीएल के जर्जर भवन से करोड़ों की टिकट बरामद
👉खंडहर भवन बना था हाईटेक लॉटरी फैक्ट्री, पुलिस की रेड में करोड़ों का सामान जब्त
👉झारखंड-बंगाल तक फैला था नेटवर्क, चिरकुंडा में अवैध लॉटरी प्रिंटिंग यूनिट का भंडाफोड़
धनबाद: निरसा अनुमंडल के चिरकुंडा थाना क्षेत्र में धनबाद पुलिस ने अवैध लॉटरी कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। बाबूडंगाल मोड़ स्थित बीसीसीएल के वर्षों पुराने जर्जर दो मंजिला क्वार्टर में गुप्त रूप से संचालित हाईटेक लॉटरी प्रिंटिंग यूनिट पर शुक्रवार रात छापेमारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित लॉटरी टिकट, अत्याधुनिक प्रिंटिंग मशीनें और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। बरामद सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
गुप्त सूचना के आधार पर निरसा एसडीपीओ लीलेश्वर महतो के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। सूचना मिली थी कि परित्यक्त बीसीसीएल भवन में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित लॉटरी टिकटों की छपाई कर उन्हें विभिन्न जिलों और राज्यों में भेजा जा रहा है। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद कई लोग अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जबकि एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मुख्य संचालक की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
👉हाईटेक मशीनों से तैयार हो रही थीं लाखों टिकटें
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो बड़े डिजिटल प्रिंटर, आठ छोटे प्रिंटर, दो कटर मशीन, प्रिंटिंग में इस्तेमाल होने वाले रंग, स्टीकर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बड़ी मात्रा में कागज तथा अन्य सामग्री बरामद की। जब्त सामान की मात्रा इतनी अधिक थी कि उसे दो ट्रैक्टरों के माध्यम से चिरकुंडा थाना पहुंचाया गया। पुलिस का मानना है कि इस यूनिट में आधुनिक तकनीक से बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित लॉटरी टिकटों की छपाई की जा रही थी।
👉झारखंड से बंगाल तक फैला था नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां तैयार किए गए लॉटरी टिकट झारखंड के जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, बोकारो और रांची सहित पश्चिम बंगाल के आसनसोल, दुर्गापुर और वर्धमान तक भेजे जाते थे। पुलिस को कई प्रतिबंधित कंपनियों के टिकट भी मिले हैं, जिससे इस कारोबार के बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका और मजबूत हुई है।
👉 पूरे सिंडिकेट की तलाश में जुटी पुलिस
निरसा पुलिस के अनुसार इस अवैध कारोबार के पीछे सक्रिय पूरे सिंडिकेट की पहचान की जा रही है। बिहार और झारखंड में भी इसी ठिकाने से लॉटरी की सप्लाई होने की जानकारी मिली है। आर्थिक लेन-देन, मास्टरमाइंड और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।


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