महानदी के रौद्र रूप से बढ़ी चिंता, पुल पहले से जलमग्न; प्रशासन ने पूरी तरह रोका आवागमन, मौके पर अधिकारी तैनात
धमतरी –नगरी-सिहावा क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और महानदी में आए उफान ने भारी तबाही मचानी शुरू कर दी है। तेज बहाव के कारण सिहावा के मुख्य पुल की पूरी सुरक्षा रेलिंग बह गई, वहीं पुल का एक किनारा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे पुल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पहले से ही पुल के ऊपर कई फीट पानी बह रहा था, जिसके चलते प्रशासन ने आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी थी।
लगातार बारिश और सोढूर बांध से छोड़े गए पानी के कारण महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। उफनती नदी अपने साथ बड़ी मात्रा में लकड़ियां, पेड़ और झाड़ियां बहाकर लाई, जो पुल से टकराती रहीं। तेज दबाव और कटाव के चलते पुल की लोहे की सुरक्षा रेलिंग पूरी तरह टूटकर बह गई। वहीं पुल का एक किनारा भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे भविष्य में पुल की मजबूती को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम प्रीति दुर्गम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीम लगातार मौके पर तैनात है। पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई है और किसी भी व्यक्ति को पुल पार करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रशासन द्वारा लगातार लोगों को नदी, पुल और एनीकेटों से दूर रहने की चेतावनी दी जा रही है।
इधर, सिहावा-बोराई-ओडिशा मार्ग पर बना पुल, सीतानदी पुल और क्षेत्र के कई एनीकेट भी जलमग्न हैं। कई गांवों का संपर्क टूट चुका है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश का सिलसिला जारी रहने से प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वर्षों बाद महानदी ने इतना विकराल रूप धारण किया है। बुजुर्ग बताते हैं कि लंबे समय बाद सिहावा पुल के ऊपर इस तरह तेज बहाव देखा गया है। पुल का एक किनारा क्षतिग्रस्त होने और सुरक्षा रेलिंग टूटने की घटना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में जाने का प्रयास न करें, पुलों और नदी किनारे भीड़ न लगाएं तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। जलस्तर कम होने के बाद पुल का तकनीकी निरीक्षण कर क्षति का आकलन किया जाएगा और आवश्यक मरम्मत की जाएगी।