Uttar Pradesh News : नौरोज़ हैदर शाही बिजनौर अशरा-ए-चेहलुम की मजलिसों का आगाज़,
उलमा ने बयान किया कर्बला का दर्दनाक मंजर

रिपोर्टर नौरोज़ हैदर बिजनौर उत्तर प्रदेश
जनपद बिजनौर के हल्दौर क्षेत्र के गांव छजुपुरा सादात में अशरा-ए-चेहलुम हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) के उनवान से आयोजित दस दिवसीय मजलिसों का शुभारंभ अकीदत व एहतराम के साथ हुआ। पहले दिन पहली मजलिस दरगाह-ए-फ़ातेमा में तथा दूसरी मजलिस इमाम बारगाह में आयोजित की गई। पहली मजलिस को मौलाना सैय्यद हैदर रज़ा नजफ़ी एवं दूसरी मजलिस को मौलाना सलमान अब्बास बाराबंकी ने ख़िताब किया। उन्होंने अपने संबोधन में हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके वफ़ादार साथियों की शहादत का दिलसोज़ मंजर बयान करते हुए कर्बला के पैगाम—सत्य, इंसाफ़, सब्र और कुर्बानी—पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी इंसानियत के लिए हमेशा मशाल-ए-राह रहेगी।मीडिया प्रभारी शाही वास्ती के संचालन में आयोजित मजलिसों में मरसिया-ख़्वानी मौहम्मद रज़ा, मौहम्मद अब्बास, नायाब हैदर, मौहम्मद आलम एवं सालिम ज़ैदी ने पेश की। पेशख़्वानी मौलाना मैहदी अब्बास ज़ैदी ने की, जबकि नौहाख़्वानी सालिम ज़ैदी एवं अम्मार ज़ैदी ने की। नौहाख़्वानी के दौरान उपस्थित अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं और पूरे वातावरण में ग़म-ए-हुसैन की फ़िज़ा छा गई।

मजलिसों में क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर इमाम हुसैन (अ.स.) और शोहदा-ए-कर्बला को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया।


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