ब्रेकिंग न्यूज़

Chhattisgarh News : पहले रेप केस में पहुंचाया जेल, फिर 7 महीने बाद उसी कैदी से रचाई शादी; सलाखों के पीछे गूंजी शहनाई; जेल में बंद युवक ने लिए सात फेरे

जेल में बंद कैदी से रचाई शादी, जिस युवती ने रेप केस में फंसाया, उसी के साथ लिए सात फेरे

ब्यूरोचीफ राकेश कुमार साहू जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से प्रेम, कानून और न्यायिक प्रक्रिया का एक अनोखा मामला सामने आया है। जिस युवती की शिकायत पर एक युवक रेप के मामले में जेल पहुंचा, उसी युवती ने बाद में अदालत से गुहार लगाकर उससे शादी कर ली। कोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जेल परिसर में दोनों ने वैदिक रीति-रिवाजों से सात फेरे लिए। शादी के बाद दूल्हे को दोबारा जेल बैरक में भेज दिया गया। यह अनोखी शादी बस्तर समेत छत्तीसगढ़ में चर्चा का विषय बनी हुई है। पेट्रोल पंप पर शुरू हुई थी प्रेम कहानी जानकारी के अनुसार, परपा थाना क्षेत्र के राजूर गांव निवासी सुरेश सेठिया और मनमती कश्यप जगदलपुर के एक पेट्रोल पंप पर साथ काम करते थे। इस बीच दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन अलग-अलग जाति होने और पारिवारिक विरोध के कारण रिश्ते में दरार आ गई। शादी से इनकार के बाद दर्ज हुआ केस युवती का कहना है कि सुरेश ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में परिवार के दबाव में विवाह से इनकार कर दिया। इसके बाद युवती ने उसके खिलाफ परपा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण कानून के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर सुरेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वह पिछले करीब सात महीने से केंद्रीय जेल में बंद था।


फिर बदला घटनाक्रम जेल में बंद रहने के दौरान भी युवती उससे मिलने जाती रही। बाद में उसने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में आवेदन देकर कहा कि दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और अपनी इच्छा से विवाह करना चाहते हैं। अदालत ने मामले पर विचार करते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पुलिस और जेल प्रशासन को विवाह संपन्न कराने के निर्देश दिए। जेल में सजा मंडप, सलाखों के बीच सात फेरे कोर्ट के आदेश के बाद जगदलपुर केंद्रीय जेल परिसर में मंडप सजाया गया। पुलिस, जेल अधिकारियों, अधिवक्ताओं और दोनों पक्षों के परिजनों की मौजूदगी में सुरेश और मनमती ने सात फेरे लेकर एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। विवाह की सभी रस्में जेल परिसर में ही पूरी की गईं। शादी के बाद सुरेश को फिर से जेल बैरक में भेज दिया गया। उसकी रिहाई अब मामले की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संभव होगी।

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button