Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में प्रस्तावित कोल परियोजना के सीमांकन पर बवाल, ग्रामीणों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प

रिपोर्टर मनोज मानिकपुरी कोरबा छत्तीसगढ़
सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र स्थित मदननगर गांव में शुक्रवार को उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब प्रस्तावित कोयला खदान परियोजना के लिए प्रशासनिक टीम और पुलिस बल भूमि सीमांकन की प्रक्रिया पूरी करने पहुंचे। घटनाक्रम और हिंसक झड़प: दक्षिण पूर्व कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) द्वारा मदननगर क्षेत्र में प्रस्तावित कोयला खदान परियोजना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में लंबे समय से आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि नियम विरुद्ध तरीके से जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है और पर्याप्त मुआवजा व रोजगार दिए बिना कार्रवाई की जा रही है।
शुक्रवार सुबह जब जिला प्रशासन, राजस्व अमला और भारी पुलिस सुरक्षा बल मौके पर पहुंचा, तो स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया। सैकड़ों ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से लैस होकर पुलिस कर्मियों पर पथराव व हमला कर दिया। सुरक्षाबलों को पीछे हटना पड़ा: वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि ढाल और लाठियों से लैस दंगा-रोधी पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों के उग्र पथराव के कारण पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। इस झड़प में एक डीएसपी (DSP) सहित लगभग 15 से 24 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिन्हें तत्काल प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वाहनों को पहुंचाया गया नुकसान: आक्रोशित भीड़ ने सुरक्षा बलों को ले जाने के लिए इस्तेमाल की गई करीब 5 बसों और पुलिस अधिकारियों की बोलेरो/गाड़ियों के शीशे तोड़ डाले। प्रशासन का पक्ष एवं वर्तमान स्थिति: प्रशासन का कहना है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कुछ पुराने मामलों के वारंटियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ राजस्व प्रक्रिया के लिए गए थे। घटना के बाद पूरे मदननगर क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। आंसू गैस और वाटर कैनन गाड़ियों के साथ-साथ अंबिकापुर और आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।

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