सेप्टिक टैंक में उतरे दो मजदूरों की दर्दनाक मौत, जहरीली गैस बनने की आशंका

👉 *बाघमारा के सदरियाडी में बड़ा हादसा, सेप्टिक टैंक के भीतर दम घुटने से दो श्रमिकों की मौत*
👉 *नव-निर्मित टैंक बना मौत का कुआं, गैस की चपेट में आकर दो मजदूरों ने गंवाई जान*
👉 *सदरियाडी हादसे से दहला बाघमारा, जहरीली गैस की आशंका पर प्रशासन ने शुरू कराई जांच*
👉 *टैंक का ढक्कन खोलने उतरे थे मजदूर, अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई जिंदगी की डोर*
*धनबाद |* बाघमारा थाना क्षेत्र के केशरगढ़ा पंचायत अंतर्गत सदरियाडी गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में दो मजदूरों की जान चली गई। नव-निर्मित सेप्टिक टैंक का पटरा खोलने के दौरान टैंक के भीतर मौजूद संदिग्ध जहरीली गैस की चपेट में आने से दोनों बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए बाघमारा सदर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान *राजेश कुमार महतो* (हेल्पर) और *दिलीप कुमार महतो* (राज मिस्त्री) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि दोनों निर्माण कार्य के दौरान सेप्टिक टैंक का पटरा खोलने के लिए अंदर उतरे थे। कुछ ही देर में दोनों की तबीयत बिगड़ गई और वे अचेत होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अंचलाधिकारी *गिजानंद किस्कू* ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मौत का कारण जहरीली गैस प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सूचना बीसीसीएल प्रबंधन, सीएमडी और सुरक्षा विभाग को भेजी जाएगी ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि क्षेत्र में कहीं भूमिगत गैस का रिसाव तो नहीं हो रहा है। साथ ही मृतकों के आश्रितों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
इस हादसे ने एक बार फिर कोयलांचल के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से अवैज्ञानिक और अवैध खनन के कारण कई इलाकों में जमीन के नीचे जहरीली गैस जमा होने तथा उसके रिसाव की आशंका बनी रहती है। ऐसे हालात में निर्माण कार्य और आम लोगों की सुरक्षा लगातार खतरे में रहती है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि केवल हादसे के बाद जांच और मुआवजे की घोषणा पर्याप्त नहीं है। संवेदनशील क्षेत्रों में वैज्ञानिक सर्वेक्षण, नियमित गैस मॉनिटरिंग और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
Subscribe to my channel