Uttar Pradesh News : लखनऊ में उत्तर प्रदेश के DGP राजीव कृष्ण ने उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की।

रिपोर्टर मनीष फतेहपुर, उत्तर प्रदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। डीजीपी ने सभी जिलों को “जीरो इंसिडेंट-जीरो एक्सीडेंट” के लक्ष्य के साथ कांवड़ यात्रा संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, कांवड़ मार्गों, शिविरों और घाटों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुचारु यातायात प्रबंधन के निर्देश दिए। बैठक में डीजे की ऊंचाई और ध्वनि स्तर निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने, ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया के माध्यम से सतत निगरानी करने तथा सीमावर्ती जिलों एवं पड़ोसी राज्यों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। डीजीपी ने कहा कि “बीट सूचना ही यक्ष ऐप की आत्मा है।” उन्होंने यक्ष ऐप में सभी 21 श्रेणियों की सूचनाएं समयबद्ध एवं सही तरीके से दर्ज करने, सक्रिय अपराधियों की सूची नियमित अपडेट करने और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा नशा, अवैध शराब, तस्करी और मतांतरण जैसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा वरिष्ठ अधिकारियों को यक्ष ऐप की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सड़क सुरक्षा की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने बताया कि विशेष अभियानों के परिणामस्वरूप प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में 9 प्रतिशत तथा दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा अभियानों से 800 से अधिक लोगों की जान बचाई जा चुकी है।
महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। डीजीपी के अनुसार, मिशन शक्ति केंद्रों की प्रभावी कार्यवाही से दहेज हत्या के मामलों में 43 प्रतिशत तथा दहेज प्रताड़ना के मामलों में 13 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। बैठक में लंबित विवेचनाओं की निगरानी के लिए तैयार किए गए केस डायरी मॉनिटरिंग डैशबोर्ड की भी समीक्षा की गई। साथ ही सभी थानों में लंबे समय से खड़े जब्त वाहनों को डंपिंग यार्ड में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। अंत में डीजीपी ने कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों एवं विशेष आयोजनों को देखते हुए सभी पुलिस अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।



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