Uttar Pradesh News : ‘मिशन शक्ति’ के तहत ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ के ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण पुलिस लाइन में शुरू
ग्राम स्तर पर 15 से 35 वर्ष की महिलाओं से 6 सप्ताह तक होगा सीधा संवाद-क्षेत्राधिकारी निचलौल

ब्यूरो चीफ सुनील कुमार जयसवाल महाराजगंज उत्तर प्रदेश
महराजगंज। उत्तर प्रदेश शासन के महत्वाकांक्षी ‘मिशन शक्ति अभियान’ के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के लिए संचालित “बहू-बेटी सम्मेलन” कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पुलिस महानिदेशक (गोरखपुर जोन) श्री मुथा अशोक जैन के मार्गदर्शन, पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री एस. चनप्पा के पर्यवेक्षण में, जिलाधिकारी श्री गौरव सिंह सोगरवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में पुलिस विभाग तथा यूनिसेफ के संयुक्त सहयोग से सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण प्रारम्भ हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारम्भ मुख्य अतिथि क्षेत्राधिकारी निचलौल श्री रविन्द्र कुमार सिंह द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा “महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है। बहू–बेटी सम्मेलन महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सामाजिक सोच विकसित करने तथा हिंसा की रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण और गेम-चेंजिंग सामुदायिक पहल साबित होगी।”

प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य सहभागी विभाग इस प्रशिक्षण में जनपद के तीन विकास खण्डों (महराजगंज सदर, घुघली एवं परतावल) से पुलिस विभाग, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास, पंचायती राज विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और विभिन्न एनजीओ के कुल 34 नामित प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। क्षमता विकास (कैस्केड मॉडल) इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों की क्षमता का विकास करना है, ताकि वे अपने-अपने विकास खण्डों में ग्राम स्तरीय सुगमकर्ताओं (Facilitators) को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दे सकें। ग्राम स्तर पर 6 सप्ताह का विशेष सत्र प्रशिक्षित सुगमकर्ता आगे चलकर प्रत्येक ग्राम पंचायत में 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं के साथ छह सप्ताह में छह विषयगत सत्र आयोजित करेंगे।

इसके माध्यम से लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध से सुरक्षा और सम्मानजनक संबंधों पर सामुदायिक संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा। रोल-प्ले और केस स्टडी से व्यावहारिक सीख- यूनिसेफ के मण्डलीय बाल संरक्षण सलाहकार श्री शैलेश प्रताप सिंह ने बहू–बेटी सम्मेलन की अवधारणा और कैस्केड प्रशिक्षण मॉडल पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रशिक्षण को पूरी तरह व्यावहारिक बनाने के लिए मास्टर ट्रेनर श्री संतोष राय, श्री श्रवण कुमार गुप्ता एवं सुश्री संजा देवी द्वारा प्रतिभागियों को समूह चर्चा, भूमिका-अभिनय (रोल प्ले), और केस स्टडी के माध्यम से प्रभावी संवाद व एक्टिव लिसनिंग का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया और उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ को पूरी गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारने का संकल्प लिया।


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