Chhattisgarh News : बिलासपुर: बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार की संदिग्ध मौत, चार बाल अपचारी फरार; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
ब्यूरोचीफ राकेश कुमार साहू जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर स्थित नूतन चौक के बाल संप्रेक्षण गृह में सोमवार तड़के हुई एक सनसनीखेज घटना से पूरे जिले में हड़कंप मच गया। संस्थान में रात्रि ड्यूटी पर तैनात 40 वर्षीय चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि घटना के बाद वहां निरुद्ध चार बाल अपचारी फरार हो गए। इस घटना ने बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात करीब 11 बजे चार बाल अपचारियों ने कथित रूप से चौकीदार पर हमला किया। आरोप है कि पहले उनके साथ मारपीट की गई, फिर हाथ-पैर गमछे से बांधकर गला दबाया गया और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया। इसके बाद चारों बाल अपचारी मौके से फरार हो गए। मृतक नरेंद्र कुमार खांडे तखतपुर क्षेत्र के अरईबंद गांव के निवासी थे और पिछले लगभग एक वर्ष से बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार के पद पर कार्यरत थे।

घटना की सूचना मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम एवं डॉग स्क्वायड ने मौके से साक्ष्य जुटाए, जबकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, फरार चारों बाल अपचारियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। अनौपचारिक जानकारी के मुताबिक फरार बाल अपचारियों में तीन रायगढ़ और एक कोरबा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। यह भी चर्चा है कि इनमें से एक की उम्र 20 वर्ष पूरी होने के कारण उसे जेल स्थानांतरित किया जाना था। हालांकि पुलिस ने इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

इस बीच मृतक के परिजनों ने मामले को सुनियोजित हत्या बताते हुए बाल संप्रेक्षण गृह के कुछ अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि नरेंद्र कुमार खांडे लंबे समय से तबादले की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने किसी अधिकारी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आखिर चार बाल अपचारी कथित रूप से चौकीदार पर हमला करने के बाद परिसर से कैसे फरार हो गए, क्या सुरक्षा में चूक हुई या प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही रही—इन सभी बिंदुओं की जांच जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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