Chhattisgarh News एसईसीएल (SECL) के अधीन कार्यरत पीएनसी गेवरा कंपनी में बड़ी लापरवाही: कोयला गाड़ी फंसी, कर्मचारियों के शोषण और जान से खिलवाड़ का आरोप

रिपोर्टर मनोज मानिकपुरी कोरबा छत्तीसगढ़
गेवरा। एसईसीएल (SECL) के अधीन संचालित पीएनसी गेवरा कंपनी एक बार फिर अपनी कथित लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर विवादों में घिर गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने कंपनी के कामकाज और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारी मलबे और दलदल में फंसी कोयला गाड़ियां
सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तेज बहाव वाले पानी, कीचड़ और भारी पत्थरों के बीच कोयला गाड़ियां खतरनाक तरीके से फंसी हुई हैं। रास्ता पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो चुका है, जहां कोयला लोड इन भारी वाहनों का निकलना तो दूर, खड़ा होना भी जोखिम भरा नजर आ रहा है। पूर्व की घटनाएं: स्थानीय सूत्रों और कर्मचारियों के अनुसार, यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कंपनी की ओवरबर्डन (OB) ले जाने वाली वोल्वो गाड़ियां इसी तरह के खतरनाक हालातों में फंस चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रबंधन ने रास्ते को दुरुस्त करने या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की जहमत नहीं उठाई।
कर्मचारियों के शोषण और जान से खिलवाड़ का आरोप इस पूरे मामले में सबसे गंभीर आरोप कंपनी प्रबंधन पर लग रहे हैं। ग्राउंड जीरो से आ रही खबरों के मुताबिक, यहाँ सिर्फ और सिर्फ कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। विपरीत और जानलेवा परिस्थितियों में भी उनसे जबरन काम कराया जा रहा है, जिससे उनकी जान पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है। सुरक्षा उपकरणों और सुरक्षित कार्यस्थल की कमी के कारण कर्मचारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उठ रहे हैं गंभीर सवाल: एसईसीएल (SECL) के अधीन काम करने के बावजूद पीएनसी गेवरा कंपनी प्रबंधन सुरक्षा मानकों को लेकर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे कर सकता है?
क्या मुख्य कंपनी (SECL) द्वारा पीएनसी के इन कार्यक्षेत्रों की मॉनिटरिंग और सुरक्षा ऑडिट नहीं की जा रही है?
क्या मुनाफे के चक्कर में कोयला गाड़ियों के चालकों और कर्मचारियों की जिंदगी को दांव पर लगाना सही है? स्थानीय प्रशासन और श्रम विभाग इस तरह की घोर लापरवाही पर चुप क्यों हैं?
कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
यह रिपोर्ट प्राप्त वीडियो और प्रारंभिक जानकारियों पर आधारित है।




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