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Chhattisgarh News भूर्विस्थापित बेरोजगारों को रोजगार देने के बजाय बाहरी लोगों की भर्ती का विरोध: कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष विनोद कुमार सारथी ने SECL कुसमुंडा प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन, 3 दिनों में उग्र आंदोलन की चेतावनी

रिपोर्टर मनोज मानिकपुरी कोरबा छत्तीसगढ़

कोरबा (छत्तीसगढ़)। एस.ई.सी.एल. (SECL) कुसमुंडा क्षेत्र में स्थानीय भूर्विस्थापित और प्रभावित बेरोजगारों को दरकिनार कर बाहरी व्यक्तियों को नौकरी पर रखने का मामला अब गरमा गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ) के जिला अध्यक्ष विनोद कुमार सारथी ने एस.ई.सी.एल. कुसमुंडा क्षेत्र के महाप्रबंधक को एक आधिकारिक पत्र सौंपकर स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और चल रही अनियमितताओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। कांग्रेस कमेटी ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 3 दिनों के भीतर इस पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो एस.ई.सी.एल. मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय का उग्र घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। स्थानीय बेरोजगारों में भारी आक्रोश, मौखिक आश्वासन पड़े ठंडे
​महाप्रबंधक को सौंपे गए पत्र के अनुसार, कुसमुंडा खदान में कोयला खनन का कार्य कर रही सोनू मोनू कंपनी द्वारा लगातार स्थानीय भूर्विस्थापितों और स्थायी बेरोजगारों की उपेक्षा की जा रही है। आरोप है कि स्थानीय प्रभावितों को काम देने के बजाय बाहर से व्यक्तियों को बुलाकर काम पर रखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र के युवाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।


​कांग्रेस जिला अध्यक्ष विनोद कुमार सारथी ने बताया कि पूर्व में भी इस संबंध में आवेदन दिए गए थे और सोनू मोनू कंपनी के जी.एम. विक्रम सिंह यादव द्वारा यह मौखिक आश्वासन दिया गया था कि 15 दिनों के भीतर स्थानीय लड़कों को काम पर रख लिया जाएगा। इसके बावजूद, अब तक एक भी स्थानीय व्यक्ति को काम पर नहीं रखा गया है और केवल झूठा आश्वासन दिया जा रहा है।
​वोटर आईडी, आधार कार्ड और पुलिस वेरिफिकेशन की जांच की मांग ​पत्र के माध्यम से कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि वर्तमान में सोनू मोनू कंपनी में कार्यरत सभी वर्करों के वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पुलिस वेरिफिकेशन की कड़ाई से जांच की जाए। इसके साथ ही एस.ई.सी.एल. के नाम की आड़ में रखे गए सभी बाहरी व्यक्तियों की सूची सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
​3 दिनों का अल्टीमेटम: चक्का जाम और काम बंद करने की दी चेतावनी ​कांग्रेस कमेटी ने प्रबंधन को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अगले 3 दिनों के भीतर स्थानीय प्रभावितों को कार्य पर नहीं रखा गया, तो मजबूरन एस.ई.सी.एल. मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसके साथ ही सोनू मोनू कंपनी की शिफ्ट बसों को रोकने और खदान का काम पूरी तरह से बंद कराने के लिए उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति या आर्थिक नुकसान की संपूर्ण जवाबदारी सोनू मोनू कंपनी और एस.ई.सी.एल. प्रबंधन की होगी।
​प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि
​मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पत्र की प्रतिलिपि (कॉपी) जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है, जिनमें शामिल हैं:
​श्रीमान कलेक्टर महोदय, कोरबा
​श्रीमान पुलिस अधीक्षक (SP), कोरबा
​श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी (SDM), कटघोरा
​श्रीमान थाना प्रभारी, कुसमुंडा
​सोनू मोनू कंपनी प्रबंधक
​पत्र में कुसमुंडा थाना, अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आधिकारिक आवक/जावक सील और हस्ताक्षर भी मौजूद हैं, जो यह दर्शाते हैं कि स्थानीय प्रशासन को भी इस संभावित आंदोलन की सूचना दे दी गई है। अब देखना यह होगा कि एस.ई.सी.एल. प्रबंधन इस पर क्या कदम उठाता है।

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