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Uttar Pradesh News फतेहपुर जिले में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा “राम” ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और बिहार सरकार को ज्ञापन भेजा

रिपोर्टर शत्रुघन फ़तेहपुर उत्तर प्रदेश

फतेहपुर जिले में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा “राम” ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और बिहार सरकार को ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन बिहार में भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ के बाद मौत से संबंधित है। जिलाध्यक्ष राजेश मिश्रा ने बिहार में भरत तिवारी की मौत की जाँच की मांग करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति दिखायी है। इस दौरान उनके साथ अयोध्या मंडल प्रभारी पंडित शैलेन्द्र शास्त्री, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सपना सिंह, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष इरफान खान, जिला महामंत्री शिखा अवस्थी, राम प्रकाश बाजपेई वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष, आनंद द्विवेदी जिला उपाध्यक्ष, आकाश तिवारी, अभय द्विवेदी, रिंकू पांडे, रवि शंकर गुप्ता, l कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार तिवारी, पंकज तिवारी सहित कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहें। जिलाध्यक्ष राजीव मिश्रा ने बताया, भरत तिवारी की मृत्यु के मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो और दोषी पुलिस कर्मियों को दंड दिया जाए। राजीव मिश्रा ने कहा, प्राप्त सूचनाओं के अनुसार यदि आत्मसमर्पण अथवा निहत्थी अवस्था में होने के बावजूद गोली चलाई गई है, तो यह संविधान का खुला उल्लंघन है।

ज्ञापन में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने लिखा…

1- भरत तिवारी की मृत्यु के संपूर्ण प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध न्यायिक जांच कराई जाए।

2- जांच पूर्ण होने तक घटना में सम्मिलित सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।

3- यदि जांच में फर्जी मुठभेड़ अथवा अवैध बल प्रयोग सिद्ध होता है, तो दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहित 2023 की धारा 103 (हत्या), धारा 109 (हत्या का प्रयास), धारा 61 (आपराधिक षड्यंत्र), धारा 191 (साक्ष्य नष्ट करना) तथा अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

4- पीड़ित परिवार को कम से कम एक करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

5- पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए तथा गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

6- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की निगरानी में मामले की जांच कराई जाए।

7- मुठभेड़ की संपूर्ण वीडियो रिकॉर्डिंग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

8- यदि भरत तिवारी बाढ़ एवं कटान पीड़ितों की समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे थे, तो उनकी उठाई गई जनसमस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।

9- पुलिस सुधार आयोग का गठन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी नागरिक के साथ इस प्रकार की घटना न हो तथा प्रत्येक मुठभेड़ की अनिवार्य न्यायिक जांच कराई जाए।

10- दुर्लभतम गंभीरता का मामला मानन हुए दोषियों के विरुद्ध त्वरित न्यायालय में सुनवाई कराकर उन्हें कठोर से कठोर दंड दिलाया जाए।

11- यदि किसी अधिकारी ने घटना के साक्ष्य मिटाने, तथ्यों को छिपाने अथवा झूठे साक्ष्य प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया हो, तो उसके विरुद्ध भी पृथक आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए।

12- दोषियों को किसी भी प्रकार का संरक्षण न दिया जाए तथा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।

अयोध्या मंडल प्रभारी पंडित शैलेन्द्र शास्त्री ने बताया, पार्टी को पूर्ण विश्वास है कि इस मामले पर गंभीर संज्ञान लिया जाएगा।

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