Madhya Pradesh News ड्रॉपआउट से स्कूल तक: दो भाई फिर जुड़े शिक्षा की मुख्यधारा से
पलायन से टूटी पढ़ाई, प्रशासन की तत्परता से मिली नई शुरुआत नागरला में शिक्षा का अधिकार बना बच्चों की मुस्कान की वजह

रिपोर्टर नरेंद्र खांडेकर खरगोन मध्य प्रदेश
खरगोन 19 जून 2026। कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री मिलिंद कुमार नागदेवे के मार्गदर्शन में शाले से बाहर रह गए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिला शिक्षा केंद्र खरगोन द्वारा निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड कसरावद में चल रहे सर्वे व निरीक्षण के दौरान एक प्रेरक सफलता सामने आई है।

18 जून 2026 को विकासखंड स्रोत समन्वयक कसरावद द्वारा शालाओं के निरीक्षण के समय ग्राम नागरला में दो बच्चे मैदान में खेलते हुए पाए गए। पूछताछ पर बच्चों ने बताया कि वे स्कूल नहीं जाते। जानकारी मिलने पर तत्काल बच्चों की मां को बुलाया गया तथा शाला प्रभारी से संपर्क कर उसी समय दोनों सगे भाइयों को शासकीय प्राथमिक विद्यालय नागरला में नियमानुसार प्रवेश दिलाया गया। एक छात्र को कक्षा 2 एवं दूसरे को कक्षा 3 में दाखिला दिया गया। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान बच्चों की मां द्वारा जन्म प्रमाण पत्र, समग्र आईडी एवं आधार कार्ड उपलब्ध कराए गए। दोनों छात्रों की ऑनलाइन मैपिंग की गई तथा निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें भी तत्काल प्रदान की गईं। शिक्षा से जुड़ते ही मां-पिता और बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। दोनों बच्चों ने नियमित रूप से शाला आने का संकल्प भी लिया। प्रवेश पाने वाले छात्र— प्रेमसिंह ठाकुर (पिता: रामसिंह ठाकुर)
आयुष ठाकुर (पिता: रामसिंह ठाकुर)
उल्लेखनीय है कि दोनों बच्चे मूलतः भीकनगांव विकासखंड के निवासी हैं। माता-पिता के रोजगार की तलाश में ग्राम नागरला आकर मजदूरी करने के कारण पलायन हुआ, जिससे बच्चों की पढ़ाई छूट गई थी। प्रशासन, शिक्षा विभाग और शाला प्रभारी की तत्परता से शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़कर एक नई शुरुआत दी गई। यह पहल न केवल दो बच्चों के भविष्य को संवारने की कहानी है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सतत निगरानी, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से हर बच्चा स्कूल तक पहुंच सकता है।




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