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Uttar Pradesh News फतेहपुर: ललौली गांव में चकबंदी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश, डीएम को सौंपा पत्र

रिपोर्टर शत्रुघन फ़तेहपुर उत्तर प्रदेश

​फतेहपुर, 12 जून। जनपद के ललौली गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने चकबंदी विभाग पर गंभीर अनियमितताओं और बिना जमीनी सर्वे के केवल दफ्तर में बैठकर कागजी पैमाइश व कब्जा परिवर्तन करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस मामले में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी (DM) को प्रार्थना पत्र सौंपकर मौजूदा प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और नए सिरे से निष्पक्ष धरातलीय सर्वे कराने की मांग की है।
​लापरवाही से बढ़ा गांव में तनाव ​ग्रामीणों का कहना है कि चकबंदी टीम की घोर लापरवाही के कारण गांव में आपसी विवाद और तनाव का माहौल बन गया है।

बिना सही भौगोलिक सर्वे के मनमाने ढंग से चक बना दिए गए हैं, जिससे कई काश्तकारों के पुराने मकान, पूर्वजों की कब्रें, कुएं और अन्य स्थायी संरचनाएं दूसरे लोगों के चकों में शामिल हो गई हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि इस त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया को जबरन आगे बढ़ाया गया, तो गांव में हिंसक झड़पें हो सकती हैं। ​प्रमुख आरोप और समस्याएं ​80% किसानों का रकबा घटा: ग्रामीणों का दावा है कि बिना धरातलीय पैमाइश के की गई कागजी कार्रवाई से लगभग 80 प्रतिशत किसानों की भूमि का रकबा कम हो गया है। ​बाढ़ क्षेत्र की अनदेखी ललौली गांव प्रतिवर्ष बाढ़ की विभीषिका झेलता है। इस भौगोलिक संवेदनशीलता को समझे बिना की जा रही चकबंदी भूमि विवादों को और उलझा देगी। ​ग्रामीणों की मांग: वर्तमान त्रुटिपूर्ण चकबंदी पर तत्काल रोक लगाई जाए। पहले मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच और वास्तविक सर्वे हो, उसके बाद ही चक निर्माण की कार्रवाई आगे बढ़े। ​इस दौरान मोहम्मद अली, असलम खान, फारूक बक्श खान, मोबीन खान, सईद अली, मोहम्मद हारून और इफ्तेखार खान सहित भारी संख्या में पीड़ित ग्रामीण उपस्थित रहे।

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