Uttar Pradesh News रामपुर के कार्यालय पर एकत्र हुए तथा निजी विद्यालयों कथित “शिक्षा माफियायों” द्वारा की जा रही मनमानी शुल्क वसूली
अभिभावकों के आर्थिक शोषण एवं शिक्षा विभाग की निष्क्रियता के विरोध में सांकेतिक धरना एवं उपवास प्रारंभ किया गया।

रिपोर्टर रफ़ी उल्लाह खान रामपुर उत्तर प्रदेश
आज दिनांक 08 जून 2026 को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिला कांग्रेस कमेटी एवं शहर कांग्रेस कमेटी, रामपुर के नेतृत्व में कार्यकर्त्ता सुबह 10:00 बजें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जिला विद्यालय निरीक्षक, रामपुर के कार्यालय पर एकत्र हुए तथा निजी विद्यालयों कथित “शिक्षा माफियायों” द्वारा की जा रही मनमानी शुल्क वसूली, अभिभावकों के आर्थिक शोषण एवं शिक्षा विभाग की निष्क्रियता के विरोध में सांकेतिक धरना एवं उपवास प्रारंभ किया गया। लगभग 12:30 बजे जिला विद्यालय निरीक्षक स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से ज्ञापन प्राप्त किया तथा उपस्थित नेताओं से विस्तृत वार्ता की। वार्ता के दौरान उन्होंने समस्याओं के शीघ्र समाधान एवं आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। उसके उपरांत 01:00 बजें उपवास एवं धरना अपने अंजाम क़ो पंहुचा।

इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष प्रमिल कुमार शर्मा “निक्कू पंडित” ने अपने संबोधन में कहा कि “शिक्षा का अधिकार प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है, लेकिन निजी विद्यालयों ने इसे व्यापार बना दिया है। अभिभावकों से मनमानी फीस वसूली जा रही है, किताबें और यूनिफॉर्म निर्धारित दुकानों से खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है, और RTE के 25% आरक्षण नियम का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। यह केवल आर्थिक शोषण नहीं बल्कि सामाजिक अन्याय भी है। यदि प्रशासन समय रहते सख्त कार्यवाही नहीं करता, तो कांग्रेस पार्टी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और व्यापक बनाएगी। हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक अभिभावकों और छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता।” शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बाकर अली खान ने कहा कि “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद शिक्षा विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे यह संदेह उत्पन्न होता है कि कहीं न कहीं शिक्षा माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन धरने में परिवर्तित किया जाएगा और जनआंदोलन का रूप लेगा।”

युवा कांग्रेस के प्रतिनिधि अर्सलान खान ने कहा कि “आज का युवा शिक्षा और अपने अधिकारों को लेकर पूरी तरह जागरूक है। हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे कि छात्रों और अभिभावकों का मानसिक एवं आर्थिक उत्पीड़न किया जाए। फीस न देने पर बच्चों को अपमानित करना, उन्हें कक्षा से निकालना या मानसिक दबाव बनाना पूरी तरह अमानवीय है। यदि प्रशासन ने जल्द ही कठोर कदम नहीं उठाए, तो युवा कांग्रेस सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष को तेज करेगी।” धरना स्थल पर उपस्थित सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि आश्वासन के बावजूद संतोषजनक कार्यवाही नहीं होती है, तो यह आंदोलन क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा और आवश्यक होने पर अनिश्चितकालीन धरना, प्रदर्शन एवं जनआंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने पुनः प्रशासन से मांग की कि जनहित, छात्र हित एवं अभिभावकों के हित में तत्काल प्रभाव से ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, अन्यथा इसके लिए पूर्ण रूप से प्रशासन जिम्मेदार होगा। इस अबसर पर साहिर रज़ा खां, नोमान मुमताज़ खां, राजेश कुमार लोधी, मोहम्मद ज़की,मोईन पठान एडवोकेट, शहज़ाद शाकिर एडवोकेट, बिलाल रज़ा एडवोकेट, हितेश पुष्कर, इमरान पाशा, शिशुपाल, शकील मंसूरी कार्यालय सचिव,


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