हरी खाद की खेती से बढ़ेगी उपज, किसानों को दी गई आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी
गोंडा,तरबगंज। भारत सरकार के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा संचालित विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत ग्राम बौरिहा, विकासखंड तरबगंज में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान मंजू सिंह ने किसानों से जैविक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ जैविक खेती से बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक (शस्य विज्ञान) डॉ. रामलखन सिंह ने धान की पौधशाला प्रबंधन, धान की सीधी बुवाई, हरी खाद की खेती तथा फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धान की सीधी बुवाई के लिए प्रति एकड़ लगभग 12 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है। यह बुवाई जीरो टिल सीड-कम-फर्टीड्रिल अथवा मल्टी क्रॉप सीडर से की जा सकती है। इससे पौध तैयार करने और रोपाई पर होने वाले खर्च में कमी आती है तथा समय की भी बचत होती है।
एडीओ एजी धनंजय कुमार ने किसानों को राजकीय कृषि बीज भंडार पर अनुदानित दरों पर उपलब्ध कृषि निवेशों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को उप एग्रीकल्चर पोर्टल पर अपना पंजीकरण अवश्य कराना चाहिए।
बीटीएम मदन यादव ने धान बीज के शोधन एवं उपचार की विधियों पर प्रकाश डाला, जबकि एटीएम श्रीचंद ने मोटे अनाजों की खेती और उनके लाभों की जानकारी दी।
गोष्ठी में प्रगतिशील किसान एवं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अरविंद सिंह, उदय प्रताप सिंह, राम नारायण सिंह सहित बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में हरी खाद के उपयोग, धान की सीधी बुवाई और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।




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