Chhattisgarh News गेवरा खदान बंद करने की चेतावनी: छत्तीसगढ़ किसान सभा ने SECL प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

रिपोर्टर मनोज मानिकपुरी कोरबा छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ किसान सभा (CGKS) ने SECL गेवरा परियोजना में स्थानीय बेरोजगारों की उपेक्षा और आउटसोर्सिंग कंपनियों में मजदूरों के शोषण को लेकर मोर्चा खोल दिया है। किसान सभा ने AGM गेवरा क्षेत्र और GM परियोजना को एक कड़ा ज्ञापन सौंपकर 7 दिनों के भीतर मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। स्थानीय बेरोजगारों की उपेक्षा और HPC रेट में गड़बड़ी का आरोप
किसान सभा द्वारा सौंपे गए पत्र के अनुसार, SECL गेवरा परियोजना के अंतर्गत संचालित PNC इंफ्राटेक और अन्य आउटसोर्सिंग कंपनियों में क्षेत्रीय बेरोजगारों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है, जिससे वे रोजगार से वंचित हैं। इसके अलावा, आउटसोर्सिंग कंपनियों में कार्यरत मजदूरों को ‘हाई पावर कमेटी’ (HPC) दर पर भुगतान नहीं किया जा रहा है और पेमेंट को लेकर उन्हें गुमराह किया जा रहा है।

किसान सभा के संयुक्त सचिव प्रशांत झा और जिला सचिव दीपक साहू ने बताया कि इससे पहले भी इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया गया था, जिसमें प्रबंधन द्वारा मजदूरों को ‘पेमेंट स्लिप’ प्रदान करने का आश्वासन दिया गया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है।
3 दिवसीय गेवरा खदान बंद का ऐलान
किसान सभा ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि 7 दिनों के भीतर उनकी जायज मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे 8, 9 और 10 जून 2026 को लगातार तीन दिनों तक गेवरा खदान का काम पूरी तरह से बंद करने के लिए बाध्य होंगे।




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